नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिले के जोगबनी थाना क्षेत्र में 28 सितंबर की रात हुई नीरज गुप्ता हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का आरोप है कि नीरज (उम्र लगभग 22 वर्ष) की नींद में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि हत्या के पीछे अनमोल कुमार सिंह उर्फ आदित्य सिंह का हाथ है, लेकिन अब तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। घटना के बाद से आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जिससे मृतक के परिवार में रोष और भय का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, जिस रात वारदात हुई, उस वक्त नीरज अपने तीन अन्य साथियों के साथ सो रहा था। परिवार का कहना है कि या तो उन साथियों में से किसी ने या फिर उन्हीं के बताए अनुसार अनमोल सिंह ने हत्या की है। परिजन सवाल उठा रहे हैं कि इतने स्पष्ट आरोपों के बावजूद पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों कर रही है।
मृतक नीरज की मां मुन्नी देवी ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए अररिया के पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार को लिखित आवेदन सौंपने की कोशिश की, लेकिन एसपी के मीटिंग में व्यस्त होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। आवेदन बाद में एसपी के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया। आवेदन में मुन्नी देवी ने कहा, “मेरा बेटा नीरज ही परिवार का सहारा था। उसकी कमाई से ही दो बेटियों की पढ़ाई और घर का खर्च चलता था। अब उसकी हत्या से हम पूरी तरह टूट गए हैं। हत्यारा खुलेआम घूम रहा है और कहता है कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो हम समाहरणालय परिसर में धरना देने को मजबूर होंगे।”
मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्होंने पहले जोगबनी थाना को भी आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस देरी से परिवार का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
जोगबनी थाना अध्यक्ष ने बताया कि नीरज हत्याकांड में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच चल रही है। वहीं फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश साहा ने भी कहा कि अनुसंधान जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी परिवार के इकलौते कमाऊ बेटे की हत्या के बाद भी पुलिस की धीमी कार्रवाई सवाल खड़े करती है। लोग मांग कर रहे हैं कि हत्यारे की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच को कब तक अंजाम तक पहुंचाती है और न्याय की राह देख रहे इस परिवार को कब राहत मिलती है।























