वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 5अक्टूबर।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि “सितंबर माह में जिले ने कुल 2183 सत्रों में से 2117 सत्र आयोजित कर 97 प्रतिशत सत्र संचालन दर हासिल की। इन सत्रों में कुल 41,817 टीका दिया गया। इसमें 8,054 गर्भवती महिलाएं, 21,402 शिशु (0–1 वर्ष आयु वर्ग), 9,693 बच्चे (1 वर्ष से अधिक आयु वर्ग) और 2,668 किशोर-किशोरियाँ शामिल हैं। कुल मिलाकर जिले में 1,17,021 डोज़ सफलतापूर्वक दी गईं। प्रति सत्र औसतन 19.75 लाभार्थी बनें और 55.28 डोज़ दिए गए।उन्होंने कहा कि “यह उपलब्धि एएनएम बहनों की ईमानदारी और मेहनत के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सत्र स्थलों पर समय से पहुँचकर लाभार्थियों को टीकाकृत किया और जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई। लगातार दूसरे माह शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि जब धरातल पर समर्पण और प्रतिबद्धता हो तो हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।”
“गुणवत्ता और निगरानी बनी सफलता की कुंजी” – सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि “यू-विन पोर्टल ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता को नई दिशा दी है। जिला प्रतिरक्षण टीम से लेकर एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों तक, सभी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है। हमने न केवल आंकड़ों में सुधार किया है, बल्कि टीकाकरण की गुणवत्ता और निगरानी में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। किशनगंज की यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बनेगी।”
“यह पूरे जिले का गौरव है” – जिला पदाधिकारी विशाल राज
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि “लगातार दो महीनों तक यू-विन पोर्टल पर बिहार में नम्बर-1 रहना पूरे जिले के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। जब टीम भावना और ठोस रणनीति के साथ काम किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करना आसान नहीं था, लेकिन एएनएम, आशा और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे संभव कर दिखाया। यह पूरे जिले का गौरव है।”
“सहयोगी संस्थाओं का रहा अहम योगदान”
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि इस सफलता में WHO, यूनिसेफ और UNDP जैसी संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके तकनीकी मार्गदर्शन, वैक्सीन एवं कोल्ड चेन प्रबंधन और संसाधनों की समय पर उपलब्धता ने जिले को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। कोल्ड चेन नेटवर्क को मजबूत बनाने और सत्र स्थलों पर वैक्सीन की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोगी संस्थाओं की भूमिका निर्णायक रही।
“रणनीति, तकनीक और निष्ठा – सफलता का सूत्र”
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि जिले की सफलता यह सिद्ध करती है कि रणनीति, तकनीक और निष्ठा जब एक साथ काम करते हैं, तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। यू-विन पोर्टल ने हमें पारदर्शी व्यवस्था दी है, और हमारी टीम ने उसे समर्पण के साथ लागू किया। यह सफलता केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि माताओं और बच्चों की सुरक्षा का प्रमाण है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य किशनगंज को बिहार का आदर्श स्वास्थ्य जिला बनाना है।”उन्होंने बताया कि जिले की यह दोहरी उपलब्धि यह दर्शाती है कि समर्पण, रणनीति और तकनीक जब एकसाथ आते हैं, तो परिणाम राज्य के लिए आदर्श बन जाते हैं। लगातार दो महीनों तक शीर्ष स्थान प्राप्त कर किशनगंज ने यह सिद्ध किया है कि टीम भावना और ईमानदार प्रयास से स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।





















