– बढ़ते यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण को ले जिला जज ने समीक्षा एवं समन्वय बैठक की
नजरिया न्यूज (रूबी विनीत), अररिया।
न्यायमंडल अररिया के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय के प्रकोष्ठ में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (2021 में संशोधित) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 और अन्य बाल संबंधी कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन पर समीक्षा एवं समन्वय बैठक बुलाई गई।
इसकी अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष गुंजन पांडे ने की।
इस बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी, ए0डी0जे0 सह पोक्सो के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार, सीजेएम अमरेन्द्र प्रसाद, जुबेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट स्कंद राज, जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा उर्फ रिंकु सहित जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक, सिविल सर्जन अररिया, जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार, श्रम अधीक्षक अररिया के प्रतिनिधि, यूनिसेफ के राज्य सलाहकार अजय कुमार व राकेश कुमार इत्यादि पदाधिकारी उपस्थित हुए।
इस बैठक में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (2021 में संशोधित) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 और अन्य बाल संबंधी कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने इस बैठक को सफल बताया और बच्चों से जुड़े सभी कानूनों के क्रियान्वयन पर जोर दिया ताकि बच्चों के अधिकारों को संरक्षित करते हुए उसका सर्वांगीण विकास किया जा सके।























