नजरिया न्यूज़, अररिया।
साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए अररिया पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना अररिया ने कांड संख्या-28/25 में हुए ₹1,28,500 के फर्जीवाड़े का उद्भेदन कर तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थानाध्यक्ष साइबर थाना सह पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित विशेष छापामारी दल द्वारा की गई।
दिनांक 11 सितंबर 2025 को सुरेश प्रसाद यादव (56 वर्ष), पिता स्व. हरिलाल यादव, निवासी गरैया चिकनी, वार्ड नं. 01, थाना व जिला अररिया ने साइबर थाना अररिया में एक आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात अपराधियों ने उनका मोबाइल सिम चुरा लिया और उनके एसबीआई बैंक खाता संख्या-11432743013 से दिनांक 19 अगस्त से 30 अगस्त 2025 के बीच कुल ₹1,28,500 की अवैध निकासी कर ली।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना अररिया ने कांड संख्या-28/25 दिनांक 11.09.2025 दर्ज किया। इस मामले में धारा-303(2)/318(4)/319(2) BNS एवं 66(C)/66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया गया।
थानाध्यक्ष ने तत्काल छापामारी दल गठित किया। तकनीकी विश्लेषण एवं एन सी आर पी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के बाद पता चला कि वादी के खाते से निकाले गए पैसे मो० आशिक (28 वर्ष, पिता अब्दुल नसीम, निवासी बोवारीबाद, वार्ड नं. 07, थाना व जिला अररिया) की पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं।
मो० आशिक को हिरासत में लेने पर उसने पुलिस पूछताछ में अपने अपराध को स्वीकार किया और बताया कि इस धोखाधड़ी में उसके दो अन्य साथी भी शामिल हैं –
1. अभिराज उर्फ मोजिम (24 वर्ष, पिता मो० सब्बीर आलम, निवासी चित्रगुप्त नगर, वार्ड नं. 21, थाना व जिला अररिया)
2. मो० तौसीफ (30 वर्ष, पिता मो० आरफीन, निवासी मुंडेश्वरी रामपुर, वार्ड नं. 13, थाना बैरगाछी, जिला अररिया)
गिरफ्तारी और खुलासा
मो० आशिक की निशानदेही पर पुलिस ने छापामारी कर दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड करते थे। ठगी की रकम पहले इन खातों में ट्रांसफर करवाई जाती और फिर विभिन्न माध्यमों से नकद निकासी की जाती थी।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने अपने अपराध की पूरी तरह स्वीकारोक्ति कर ली है। पुलिस ने उनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।
साइबर थाना अररिया ने आमजन से अपील की है कि वे अज्ञात नंबरों से आए कॉल, लिंक या संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें और किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत एन सी आर पी पोर्टल या साइबर थाना को दें, ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।





















