नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिले में एंबुलेंस कर्मियों ने अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। शनिवार को जिलेभर के एंबुलेंस कर्मी एकजुट होकर सड़क पर उतरे और आरोप लगाया कि वर्ष 2012 से अब तक उन्हें केवल आश्वासन पर ही काम करवाया जा रहा है। कर्मियों का कहना है कि उनके कार्य की प्रकृति बेहद जोखिम भरी है, लेकिन न तो उन्हें नियमित वेतन मिलता है और न ही जीवन सुरक्षा के लिए किसी प्रकार की इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
कर्मियों ने बताया कि कभी 7,000 रुपये तो कभी 8,000 रुपये वेतन के नाम पर दिया जाता है, जो वर्तमान समय में महंगाई के अनुपात में बेहद कम है। ग्रामीण व दूरदराज़ के क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के दौरान हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं और न ही स्वास्थ्य बीमा की सुविधा। उनका कहना है कि आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत कर्मियों को सरकार और कंपनी दोनों की ओर से विशेष संरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है।
एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी प्रमुख मांगों में नियमित वेतन निर्धारण, समय पर भुगतान, इंश्योरेंस सुविधा, गाड़ियों के रख-रखाव का खर्च कंपनी द्वारा वहन करने और कार्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे बिंदुओं को शामिल किया है। कर्मियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।
मौके पर मौजूद कर्मियों में अशरफ, मशहूद, अबू नसर, इश्तियाक, जावेद समेत कई कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब केवल आश्वासन पर काम करना संभव नहीं है, सरकार या संबंधित कंपनी को तुरंत निर्णय लेना होगा।
इस हड़ताल से जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। आम लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि मरीजों की जान पर संकट न आए।





















