नजरिया न्यूज़, अररिया।
बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ (बेएसा) के आह्वान पर शुक्रवार, 05 सितंबर 2025 को जिला इकाई अररिया द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में जिला मुख्यालय में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च धरना स्थल से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी आवास होते हुए चांदनी चौक तक निकाला गया। मार्च का नेतृत्व संघ के जिला अध्यक्ष श्री मनीष कुमार ठाकुर ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनकी आवाज को सरकार तक पहुँचाने और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
संघ द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में कार्यपालक सहायकों का स्थायीकरण करते हुए राज्यकर्मी का दर्जा एवं वेतनमान प्रदान करना शामिल है। इसके साथ ही सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप वेतन संरचना लागू करने, सेवा संवर्ग का गठन करने तथा नियुक्ति की तिथि से ही ईपीएफ का लाभ देने की मांग की गई। कार्यपालक सहायकों के पद की न्यूनतम योग्यता को मैट्रिक से बढ़ाकर इंटरमीडिएट करने और हटाए गए सहायकों का समायोजन करने की भी मांग उठाई गई।
इसके अलावा आकस्मिक निधन की स्थिति में मुआवजा राशि को न्यूनतम 40 लाख करने, सेवा के दौरान निधन पर आश्रित को नौकरी देने तथा सभी सहायकों को चिकित्सीय लाभ से आच्छादित करने की मांगें भी शामिल हैं।
इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में कार्यपालक सहायक शामिल हुए। जिला अध्यक्ष मनीष ठाकुर के साथ सचिव मनीष कुमार कश्यप, आलोक कुमार झा, अमरेंद्र कुसुम, दीपक दुबे, दीपा मजूमदार, विक्रम कुमार, सोनिका कुमारी, ताबीर आलम, सुमित सिंह, अमित सिंह, गोविंदा दास, नीरज कुमार, आदित्य झा, अनुज कुमार, नितेश कुमार, परवेज असलम, मुकेश कुमार, अजीत कुमार, निधि कुमारी, दिलशाद आलम सहित सैकड़ों कार्यपालक सहायक मौजूद रहे।
मार्च के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सरकार से शीघ्र उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की और कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं होतीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





















