=अस्थायी इमारत से संचालित
केन्द्र में केवल एमबीए पाठ्यक्रम का किया जा रहा संचालन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय किशनगंज केंद्र के लिए शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए प्रस्ताव विभाग को भारत सरकार द्वारा भेजा गया है : डॉ.जावेद आजाद , सांसद किशनगंज
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज,19अगस्त।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय किशनगंज केंद्र के लिए 136.82 करोड़ 2014 में स्वीकृत किया गया था। अब तक केवल10 करोड़ रुपये केंद्र के लिए जारी किया गया है।यह मोदी सरकार की देश में शैक्षणिक रूप से सबसे पीछे बिहार प्रदेश की किशनगंज जिले की कहानी है। भारत सरकार की शिक्षा के प्रति उदासीनता के चलते यूजीसी द्वारा स्वीकृत शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। क्षेत्रीय
सांसद किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने सफाई दी:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी को पत्र लिखकर कहा है कि 2013 में स्थापित एएमयू किशनगंज केंद्र आज भी स्थायी परिसर के बिना अस्थायी इमारत से संचालित हो रहा है। जहां केवल एमबीए पाठ्यक्रम ही चल रहा है। साथ ही, स्टाफ की कमी से भी जूझ रहा है। 2014 में आवंटित 136.82 करोड़ में से अब तक केवल ₹10 करोड़ जारी किए गए हैं और यूजीसी द्वारा स्वीकृत शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है।
सांसद किशनगंज श्री जावेद ने सुझाव स्वरूप मांग रखी है: समर्थ पोर्टल के माध्यम से शीघ्र स्टाफ नियुक्ति की जाए। बी.एड, आईटीईपी, बीबीए जैसे नए पाठ्यक्रमों को तुरंत मंजूरी मिले।

== केंद्रीय शिक्षा मंत्री और किशनगंज, बिहार के सांसद -नजरिया न्यूज
=एएमयू केंद्र किशनगंज को 2014 में आवंटित136.82 करोड़ में से अब तक केवल 10 करोड़ जारी किए हैं: सांसद …
=यूजीसी द्वारा स्वीकृत शिक्षण व गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है: सांसद…
जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से ‘राष्ट्रीय गंगा स्वच्छता मिशन’ से परिसर निर्माण की मंजूरी ली जाए।
सांसद श्री जावेद ने प्रश्न उठाते हुए कहा:
पुलिस लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण कार्य अधर में है। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने पत्र के माध्यम से बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, किशनगंज केंद्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर आपके पत्र संख्या MJ/LS/25/92 दिनांक 7 जुलाई, 2025 के मामले में उचित कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग को भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि किशनगंज क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) किशनगंज केंद्र में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों की नियुक्ति हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने में हो रही अनावश्यक देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किए हैं जिसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने पत्र के माध्यम सूचित किया गया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), किशनगंज केंद्र के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए प्रस्ताव में देरी के संबंध में पत्र संख्या एमजे/एलएस/25/110 दिनांक 4 अगस्त, 2025 मामला के उचित कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग को भेज दिया गया है।























