- नरपतगंज आरटीपीएस सेवा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है: प्रभात यादव
नजरिया न्यूज़ नरपतगंज।
नरपतगंज अंचल स्थित आरटीपीएस काउंटर पर कार्यरत सहायक आलोक कुमार झा एक बार फिर विवादों में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में उन पर आरटीपीएस सेवाओं में भारी अनियमितता और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश की लहर फैल गई है। इस मामले को नरपतगंज प्रखंड के पोसदाहा पंचायत, मिर्जापुर गांव वार्ड संख्या 01 निवासी दिव्यांग हरिलाल यादव ने जिला पदाधिकारी अररिया को लिखित आवेदन सौंपते हुए इस भ्रष्टाचार के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो : इस वायरल वीडियो की पुष्टि नजरिया न्यूज़ नहीं करती है।
हरिलाल यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने सरकार द्वारा दी जाने वाली दिव्यांग मोटरसाइकिल योजना के लिए वार्षिक आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता के तहत आरटीपीएस केंद्र पर आवेदन किया था। परंतु सहायक आलोक झा ने जानबूझकर उनकी वार्षिक आय 1,15,000 दर्शा दी, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित हो गए। आवेदन में आगे कहा गया है कि जब उन्होंने प्रमाण पत्र में सुधार की मांग की तो उन्हें पुनः आवेदन देने को कहा गया। 
उन्होंने दोबारा ऑनलाइन आवेदन किया और इस बार 500 की रिश्वत देने के बावजूद प्रमाण पत्र में आय 66,000 अंकित कर दी गई, जबकि वास्तविकता इससे काफी कम थी। हरिलाल यादव ने यह भी आरोप लगाया कि आलोक झा का रवैया बेहद अपमानजनक और असंवेदनशील है, और वे आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। हरिलाल यादव के अनुसार उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर प्रखंड कार्यालय तक अपनी समस्या को रखा, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अंत में वे जिला पदाधिकारी से न्याय की उम्मीद लेकर आवेदन देने पहुंचे।
नरपतगंज आरटीपीएस केंद्र भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है:प्रभात यादव
आजाद हिंद फौज संगठन के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि नरपतगंज का आरटीपीएस केंद्र जनता की सुविधा का नहीं, बल्कि शोषण का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा मेरे पास ऐसे दर्जनों आवेदन आए हैं जिनमें यह स्पष्ट रूप से दर्ज है कि जाति, आय व निवास प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए पहले 600 से लेकर 1 हजार तक की अवैध वसूली की जाती है,तभी प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है।
प्रभात यादव ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यह आचरण केवल सेवा नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों का खुला अपमान है। उन्होंने जिला पदाधिकारी अररिया से आग्रह किया कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी कर्मचारी को तत्काल नरपतगंज अंचल से स्थानांतरित कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी। यदि भ्रष्टाचार के विरुद्ध समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। आरटीपीएस जैसी सेवा का अपमान, शवआम आदमी के आत्मसम्मान का अपमान है, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।





















