नजरिया न्यूज़ नरपतगंज।
वोट चोरी के मुद्दे पर आज़ाद हिंद फ़ौज संगठन के संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का खुला समर्थन किया है।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी विशेष की नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की है। रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रभात यादव ने कहा कि बिहार सहित देशभर में चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। मतदाता सूची में धांधली, फर्जी नाम जोड़ने, असली मतदाताओं के नाम काटने और मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज नष्ट करने जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत हैं। प्रभात यादव ने कहा कि अगर मतदाता का भरोसा ही टूट गया, तो चुनाव महज़ औपचारिकता बनकर रह जाएंगे और जनता का लोकतंत्र पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि सभी राज्यों में मतदाता सूचियों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया की साख बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र पर सीधा हमला है, और यह केवल किसी एक सीट या एक चुनाव का मामला नहीं, बल्कि देश के भविष्य का सवाल है। राहुल गांधी के हालिया आरोपों का जिक्र करते हुए प्रभात यादव ने कहा कि कांग्रेस नेता ने 2024 के लोकसभा और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटर फ्रॉड का मुद्दा उठाया है। राहुल गांधी ने कहा था कि मतदाता सूचियों से नाम काटने और फर्जी वोट डालने की घटनाएं सुनियोजित तरीके से हुई हैं। इन आरोपों को चुनाव आयोग ने बेबुनियाद बताते हुए उनसे शपथपत्र के साथ सबूत देने या माफी मांगने को कहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभात यादव ने कहा कि अगर सच सामने लाने की हिम्मत है, तो जांच से डरने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही जनता के भरोसे को मजबूत कर सकती है। प्रभात यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सोशल मीडिया पर बहस करने तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि हर वोट की सुरक्षा और बूथ पर सतर्क रहना आज की सबसे बड़ी देशभक्ति है। उनके इस बयान के बाद नरपतगंज और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने उनके रुख का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि अगर मतदाता सूची की पारदर्शी जांच हो जाए, तो चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा वापस आ सकता है।प्रभात यादव ने कहा कि यह संघर्ष लंबा और कठिन है, लेकिन इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर, संविधान की रक्षा और वोट चोरी के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि देश के अस्तित्व का सवाल है, और हर नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।





















