मां का दूध नवजात के लिये पहला टीका, जच्चा-बच्चा दोनों की सेहत के लिये स्तनपान जरूरी
अररिया, 08 अगस्त ।
विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर शुक्रवार को सदर अस्पताल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति व सहयोगी संस्था पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए इसके लिये उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ राजेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ विमल कुमार, अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद, पिरामल टीम के डिस्ट्रिक्ट लीड अशफाक अहमद, श्वेता कुमारी, शालेहा खातून, टि्ंवकल कुमारी, गांधी फेला लखन राठौर, डेटा ऑपरेटर अमित कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
मां का दूध नवजात के लिये पहला टीका
सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ राजेंद्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान के महत्व से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि मां का दूध प्रत्येक बच्चे के लिये पहला टीका के समान है। जो बच्चों को ना सिर्फ जरूरी पोषण देता है। बल्कि मां व बच्चे के बीच गहरा भावनात्मक संबंध भी बनाता है। मां के दूध में मौजूद कोलोस्ट्रम नवजात शिशु के अमृत के समान है। जो उसे बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने स्तनपान के लिये किया प्रेरित
कार्यक्रम में कई नवजात की माताएं अपने बच्चों के साथ शामिल हुई। उन्होंने स्तनपान से जुड़े अपने अनुभव साझा किये। महिलाओं ने कहा कि स्तनपान को लेकर पहले उनके मन में कई तरह की शंकाएं थी। लेकिन अस्पताल की दीदियों ने सही जानकारी देकर हमारा उत्साह बढ़ाया। आज हमें गर्व है कि हम अपने बच्चे को खुद पोषित कर रहे हैं। एसएनसीयू के स्टाफ नर्सों ने कहा कि सभी मां में एक अदृश्य शक्ति छिपी होती है। स्तनपान के रूप में जो एक मां अपने बच्चे को जीवन का पहला व सबसे कीमती उपहार देती हैं। हमारा प्रयास है कि कोई मां व बच्चा अपने हक से वंचित न रहे।
जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा के लिये स्तनपान जरूरी
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने स्तनपान के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि स्तनपान नवजात के लिये सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि एक स्नेह व सुरक्षा का भाव प्रदान करता है। स्तनपान के जरिये माताएं अपने नवजात को पोषण के साथ-साथ आत्मविश्वास, भावनात्मक जुड़ाव व सुरक्षा का आभास कराती हैं। स्तनपान से बच्चों को संक्रमण, दस्त, निमोनिया जैसी घातक बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। वहीं यह महिलाओं को स्तन व गर्भाशय के खतरों से भी बचाता है।





















