– डोर-टू-डोर अभियान से होगा रैयतों के रिकॉर्ड में सुधार, पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता अनिवार्य
नजरिया न्यूज़, अररिया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अररिया जिले के सभी अंचलों में 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक राजस्व महाअभियान 2025 का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य ज़िले के रैयतों के भूमि अभिलेखों को अद्यतन करना, उत्तराधिकारी और बंटवारा नामांतरण के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना है।
अभियान की तैयारियों को लेकर समाहरणालय स्थित परमान सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें निदेशक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री कमलेश सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान को समयबद्ध रूप से सफल बनाएं। बैठक में अपर समाहर्ता अनिल कुमार झा, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित सभी अंचलाधिकारी एवं राजस्व प्रभारी उपस्थित थे।
अभियान के अंतर्गत विशेष डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें रैयतों के घर जाकर ऑनलाइन की गई जमाबंदियों की प्रति सौंपी जाएगी। साथ ही हल्का स्तर पर शिविर लगाकर आवेदनों को प्राप्त किया जाएगा। यह व्यवस्था रैयतों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 08 अगस्त 2025 को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और विकास मित्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 13 से 14 अगस्त तक पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
महाअभियान को तीन चरणों—तैयारी, क्रियान्वयन और अनुवर्ती चरण में बांटा गया है। प्रत्येक चरण के लिए कार्य, जिम्मेदारियां और समयसीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि जमीनी विवादों और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर हो।
यह महाअभियान रैयतों के लिए अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी को सशक्त और पारदर्शी रूप से अपडेट करने का एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।





















