नवोन्मेषी पहल से जीविका दीदियों को मिलेगा रोजगार, पुलिसकर्मियों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
नजरिया न्यूज़, अररिया।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में अररिया में एक सराहनीय पहल की गई है। जिले के नवनिर्मित पुलिस लाइन परिसर में गुरुवार को ‘दीदी की रसोई’ का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस रसोई का संचालन जीविका समूह की महिलाएं करेंगी, जो पुलिसकर्मियों को स्वच्छ, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएंगी।
इस मौके पर जिलाधिकारी श्री अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री अंजनि कुमार और जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक श्री नवीन कुमार उपस्थित रहे। तीनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर रसोई का शुभारंभ किया और इस अभिनव योजना की सराहना की। 
समारोह में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, जीविका से जुड़ी दीदियां और स्थानीय महिलाएं मौजूद थीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने कहा, “यह रसोई सिर्फ भोजनालय नहीं, बल्कि नारी शक्ति का प्रतीक है। जीविका की दीदियां अब घर की चौखट पार कर समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभा रही हैं।”
पुलिस अधीक्षक अंजनि कुमार ने भी इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा, “इससे पुलिस बल को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा और साथ ही स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।”
‘दीदी की रसोई’ योजना के तहत पहले से ही सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और फॉरबिसगंज स्थित एससी-एसटी आवासीय विद्यालय में सफल संचालन किया जा रहा है। अब इस योजना का विस्तार पुलिस विभाग तक किया गया है, जो महिलाओं के लिए नए रोजगार के द्वार खोलेगा।
डीपीएम नवीन कुमार ने बताया कि जीविका का मूल उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी संस्थानों में ‘दीदी की रसोई’ शुरू करने की योजना है। इससे बड़ी संख्या में महिलाएं खुद का व्यवसाय प्रारंभ कर सकेंगी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगी।
‘दीदी की रसोई’ का यह मॉडल अब महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। सैकड़ों महिलाएं इससे जुड़कर न केवल अपनी आजीविका चला रही हैं, बल्कि समाज में भी एक सशक्त पहचान बना रही हैं। यह पहल महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह में एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रही है, जो अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।





















