नजरिया न्यूज़, कुर्साकांटा/अररिया | रंजन राज।
कुर्साकांटा प्रखंड कार्यालय के सभा भवन में मंगलवार की दोपहर करीब 1 बजे बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नेहा कुमारी ने की। मौके पर अंचलाधिकारी (सीओ) आलोक कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी अमित मिश्रा, निर्वाचन शाखा से संबंधित अन्य पदाधिकारी व सभी पंचायतों के बीएलओ मौजूद थे।
बैठक में आगामी वोटर सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की गई और बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बीडीओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि मतदाता से सभी जरूरी प्रमाण पत्र जैसे जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र या शैक्षणिक प्रमाण पत्र (मैट्रिक सर्टिफिकेट) अनिवार्य रूप से लिए जाएं।
हालांकि बैठक के दौरान बीएलओ ने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। सभी बीएलओ ने बताया कि पंचायतों में जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने में काफी कठिनाई हो रही है, जिससे लोग अपने दस्तावेज समय पर जमा नहीं कर पा रहे हैं। कई लोग खेतों में काम में व्यस्त हैं, वहीं कुछ को सरकारी कार्यालयों से प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं।
बीएलओ ने यह भी कहा कि समय कम बचा है और इन हालातों में तय समय-सीमा में कार्य पूरा कर पाना बेहद मुश्किल है। इस पर सीओ आलोक कुमार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि, “यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है तो उसे नया कोई प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है, बीएलओ स्वयं उसका फॉर्म भर सकते हैं। वहीं जिनके माता-पिता का नाम 2003 की सूची में है, उन्हें केवल एक प्रमाण पत्र देना होगा — वह जाति, निवास या मैट्रिक सर्टिफिकेट में से कोई एक हो सकता है।”
बैठक में बीएलओ और अधिकारियों के बीच कुछ समय तक तीखी बहस भी हुई, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। अंत में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और बीएलओ को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि पुनरीक्षण कार्य समय पर पूरा किया जा सके।





















