नज़रिया न्यूज़ (रूबी बिनीत)।अररिया।
व्यवहार न्यायलय अररिया के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश गूँजन पाण्डे ने मंडल कारा, पर्यवेक्षण गृह अररिया एवं दत्तक गृह का निरीक्षण कर उनके अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए. 
इनके साथ एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव व सीजेएम अमरेन्द्र प्रसाद एवं जुबेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी स्कंद राज भी थे. 
मंडल कारा के निरीक्षण के क्रम में काराधीक्षक सुजीत कुमार झा उपस्थित थे.
उन्होंने काराधीन बंदियों के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई. प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश गुजन पाण्डे के द्वारा मंडल कारा अररिया में काराधीन बंदियों से मुलाकात की गई. 
उनसे उनकी समस्याओं के संबंध में पूछताछ किया गया. निरीक्षण के दौरान काराधीन बंदियों के रहने के सभी वार्ड, वासरुम, सभी वार्डों में पानी की उपलब्धता, कारा अस्पताल, कारागत बंदियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं, मुलाकाती कक्ष, भी0सी0 की व्यवस्था, भोजनालय, महिला वार्ड, महिलाओं व उनके साथ रहने वाले बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं, काराधीन बंदियों के अध्ययन-अध्यापन का कार्य इत्यादि का निरीक्षण किया गया और अवश्यक दिशा निर्देश दिये गए. जिला व सत्र न्यायाधीश गूँजन पांडेय के द्वारा कारा परिसर, शौचालयों, सभी वार्डों एवं नालों के साफ-सफाई हेतु कारा अधीक्षक को व्यक्तिगत रुप से ध्यान देने के लिए निर्देशित किया गया. 
डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने निरीक्षण के दौरान कैदियों को बतलाया गया कि जेल लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से आवश्यकतानुसार सभी कारागत बंदी आवश्यक विधिक सहायता का लाभ उठा सकते हैं.
पुनः इन पदाधिकारियों के द्वारा पुनः पर्यवेक्षण गृह अररिया व दत्तक गृह अररिया का निरीक्षण किया गया. जहाँ बच्चों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का मुल्यांकन किया गया. 
गृह के उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा पर वह विशेष रुप से ध्यान दें तथा नियमित रुप से दत्तक गृह के साफ-सफाई का स्वयं के स्तर से मुल्यांकन करें.





















