– डीआईजी से मिलकर की कार्रवाई की मांग
– जातिसूचक गाली और वेतन कटौती को लेकर पुलिस पदाधिकारी पर गंभीर आरोप
नजरिया न्यूज़, अररिया।
महालगांव थानाध्यक्ष द्वारा चौकीदारों के साथ दुर्व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्णिया प्रक्षेत्र के डीआईजी से मुलाकात की और महलगांव थानेदार के खिलाफ लिखित रूप से कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में राज्य सचिव डॉ. संत सिंह, राज्य उपाध्यक्ष रामविलास पासवान, प्रमंडलीय अध्यक्ष पप्पू कुमार दास, प्रमंडलीय सचिव रामदेव पासवान और पूर्णिया जिलाध्यक्ष धीरनारायण सिंह शामिल थे। इन सभी ने डीआईजी को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया कि महलगांव थानाध्यक्ष ने चौकीदारों को जातिसूचक गालियां दी और बगैर अनुपस्थिति के उनका एक दिन का वेतन काट लिया।
प्रमंडलीय सचिव रामदेव पासवान ने बताया कि 23 फरवरी को महलगांव थाने की अनुमति से थाना परिसर में दफादार-चौकीदार पंचायत की द्विवार्षिक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्य सचिव डॉ. संत सिंह समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान थानाध्यक्ष वहां पहुंचे और चौकीदारों से दुर्व्यवहार करते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
राज्य सचिव डॉ. संत सिंह ने कहा कि इस घटना की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे चौकीदारों में रोष है और अब थानाध्यक्ष खुलेआम धमकी भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
डीआईजी से मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी थानाध्यक्ष पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि चौकीदारों का आत्मसम्मान बहाल हो सके।





















