रानीगंज: पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया के सत्र 2023-27 के फोर्थ सेमेस्टर की अंतिम दिन की परीक्षा वाईएनपी डिग्री कॉलेज, रानीगंज परीक्षा केंद्र पर शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। यह जानकारी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह केंद्राधीक्षक डॉ. अशोक कुमार आलोक के हवाले से उप प्रधानाचार्य सह सहायक केंद्राधीक्षक डॉ. नूतन आलोक ने दी।उन्होंने बताया कि अपरिहार्य कारणवश स्थगित दिनांक 09 जुलाई 2025 की परीक्षा आज निर्धारित की गई थी। इस परीक्षा केंद्र पर अररिया के पीपुल्स कॉलेज के लगभग 500 छात्रों का केंद्र निर्धारित किया गया था। परीक्षा की निष्पक्षता एवं कदाचारमुक्त संचालन हेतु कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह, कुलसचिव डॉ. अनंत प्रसाद गुप्ता एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरविंद कुमार वर्मा के निर्देशानुसार उड़नदस्ता दल का गठन किया गया था।उड़नदस्ता दल में प्रो. इस्तियाक अहमद (वाणिज्य विभाग) एवं प्रो. हेमंत मिश्रा (रसायन विज्ञान विभाग), पूर्णिया कॉलेज शामिल थे। दल ने वाईएनपी डिग्री कॉलेज के सभी परीक्षा कक्षों का निरीक्षण किया, जिसमें किसी भी परीक्षार्थी के पास से प्रतिबंधित सामग्री प्राप्त नहीं हुई।
साथ ही केंद्र पर पंखा, रोशनी, शौचालय एवं स्वच्छता की स्थिति की भी जांच की गई। छात्रहित में लगाए गए वाटर कूलर की सराहना भी की गई।केंद्राधीक्षक डॉ. अशोक कुमार आलोक एवं सहायक केंद्राधीक्षक डॉ. नूतन आलोक के नेतृत्व में परीक्षा केंद्र पर कड़ी निगरानी बरती गई। मुख्य प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों से मोबाइल फोन, चिट-पुर्जा, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स समेत सभी प्रतिबंधित सामग्रियां रखवाकर ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुभाष चंद्र सिंह, सहायक परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुरेश प्रसाद यादव एवं वीक्षकों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए।डॉ. नूतन आलोक ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक के नेतृत्व में प्रत्येक कक्ष में कई बार जांच की गई। प्रथम पाली में ग्रुप बी के एमआईसी फोर्थ के साइकोलॉजी, फिलॉसफी, म्यूजिक, हिंदी, इंग्लिश एवं सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा हुई जबकि द्वितीय पाली में हिस्ट्री, ज्योग्राफी, अरबी, पर्शियन, संस्कृत, मैथिली, बंगाली एवं गांधी विचारधारा की परीक्षा आयोजित हुई। कुल 475 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए।परीक्षा संचालन में डॉ. नूतन आलोक, प्रो. इंदु कुमारी, प्रो. भूषण कुमार यादव, प्रो. पिंकी प्रेमा, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. बुद्धिनाथ सिंह, प्रो. योगेंद्र प्रसाद यादव, रितेश राज, पुतुल कुमारी, अजीत कुमार, दीपेश राज, दिवाकर कुमार, आशीष कुमार, नवनीत कुमार, पृथ्वी चंद यादव, नितिन कुमार, मनीष कुमार, राजा सिंह, राकेश मुर्मू आदि की सराहनीय भूमिका रही।परीक्षा केंद्र की सख्त व्यवस्था, अनुशासन और उच्च मानकों ने यह साबित कर दिया कि शिक्षण संस्थान यदि ठान लें तो निष्पक्ष परीक्षा कराना पूरी तरह संभव है।





















