आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर मछली उत्पादन को कई गुना बढ़ाया जा सकता है:जिला मत्स्य पदाधिकारी
किशनगंज में मछुआरा दिवस का आयोजन कॉलेज ऑफ फिशरी, अराबाड़ी में उत्साहपूर्वक संपन्न
मछली पालन की नवीन तकनीकों, जल संसाधन प्रबंधन, उच्च प्रजातियों के चयन, तथा मछली रोग नियंत्रण पर जानकारी की गई साझा
बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता, किशनगंज, 10 जुलाई।
किशनगंज स्थित कॉलेज ऑफ फिशरी, अराबाड़ी में आज “फिश फार्मर डे” (Fish Farmer Day) का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन मछली पालन क्षेत्र में किसानों के योगदान को सम्मानित करने एवं मछली उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिले भर से आए मछली पालकों, मछुआ समुदाय के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय उपस्थिति रही।
विशेषज्ञों द्वारा मछली पालन की नवीन तकनीकों, जल संसाधन प्रबंधन, उच्च प्रजातियों के चयन, तथा मछली रोग नियंत्रण पर जानकारी साझा की गई। साथ ही, कई सफल मछली पालकों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

फार्मर फिश डे डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम कृषि विश्वविद्यालय में मछली पालकों को सम्मानित करते वैज्ञानिक -नजरिया न्यूज
जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रशुन कुमार प्रभात ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, “आज मत्स्य पालन न केवल पोषण का माध्यम है बल्कि रोजगार और आजीविका के लिए एक मजबूत आधार बन चुका है। आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।”
इस आयोजन में मत्स्य विज्ञान के छात्रों ने भी पोस्टर, मॉडल, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।इस कार्यक्रम में मत्स्य उद्योग से जुड़े उद्यमी डॉ मनोज शर्मा, गुजरात, एक्वा डॉक्टर सॉल्यूशन के संस्थापक देवतानु वर्मन एवं बिहार एनिमल हसबेंडरी एवं fisheries के कुलपति भी अपने विचार को कृषकों के समक्ष रखे।























