ANC, NCD, टीकाकरण, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, प्रसव पूर्व जांच, और प्रसव बाद देखभाल जैसी सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की कहानी
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो, किशनगंज, 01 जुलाई ।
गांव में प्रसव की सुविधा है! गांव में प्रसूता महिलाओं की देखभाल के लिए अस्पताल है। ये सुविधाएं सरकार की तरफ से मुहैया कराई जा रही है! इससे बड़ी कोई खबर नहीं हो सकती। ऐसी ही खबर किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड क्षेत्र से आ रही है।
बिहार का सीमावर्ती जिला किशनगंज, जो अब तक स्वास्थ्य संसाधनों की चुनौतियों से जूझता रहा, अब सकारात्मक बदलाव की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बनी है कोचाधामन प्रखंड स्थित काशीबाड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, जो जिले का पहला ऐसा स्वास्थ्य केंद्र है जहां राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत केंद्रीय निरीक्षण दल द्वारा 30 जून को प्रमाणीकरण आकलन (Assessment) किया गया। यह न केवल जिले के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर हो रहे वास्तविक बदलाव की प्रमाणिक तस्वीर भी है।
नेशनल असेसर टीम ने किया आकलन, व्यवस्था से दिखा संतोष
30 जून को केंद्र सरकार द्वारा नामित राष्ट्रीय असेसर टीम की सदस्य Ms. अंकिता नाथ और Ms. सुनीता श्रीवास्तव ने काशीबाड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संपूर्ण निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने केंद्र की सेवाओं, प्रबंधन, स्वच्छता, दस्तावेज़, मरीज संतोष स्तर, दवाओं की उपलब्धता और रिकॉर्ड प्रणाली जैसी लगभग 12 प्रमुख क्षेत्रों की गहन समीक्षा की।टीम द्वारा फीडबैक के रूप में यह संकेत दिया गया कि केंद्र की तैयारियां काफी व्यवस्थित हैं और सेवाएं तय मापदंडों के अनुरूप दी जा रही हैं। यह जिले के लिए गर्व की बात है कि पहली बार किसी केंद्र को NQAS प्रमाणीकरण के लिए चुना गया और वहां इतना व्यवस्थित कार्य दिखाई पड़ा।
*स्थानीय स्वास्थ्य टीम की सजग भागीदारी
*
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि इस आकलन प्रक्रिया के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति के DQAC प्रभारी श्री सुमन सिन्हा स्वयं उपस्थित रहे और केंद्र की ओर से सभी जानकारी एवं प्रस्तुतियाँ असेसर टीम के समक्ष साझा की।DPM डॉ. मुनाजिम, कोचाधामन प्रखंड के BHM श्री किशोर कुमार, BCM, CHO, एएनएम, और सहयोगी संस्थाओं पिरामल स्वास्थ्य एवं PSI संस्था के प्रतिनिधियों ने भी केंद्र की सेवाओं, रिपोर्टिंग और गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि NQAS के हर मापदंड पर केंद्र खरा उतरे।
यह सिर्फ शुरुआत है
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि काशीबाड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने यह दिखा दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। यह सिर्फ एक केंद्र का बदलाव नहीं है, बल्कि जिले के स्वास्थ्य तंत्र की दिशा और दशा में हो रहे व्यापक सुधार की शुरुआत है।उन्होंने कहा कि अन्य हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी अब इस मॉडल को अपनाकर गुणवत्तापूर्ण सेवा की दिशा में अग्रसर होंगे।

किशनगंज जिले के वेलनेस सेंटर कालीबाड़ी की उत्कृष्ट सुविधाओं की जांच करने पहुंची राष्ट्रीय टीम की एक विंग-नजरिया न्यूज
लोगों का भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी
जिलाधिकारी श्री विशाल राज ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण करार देते हुए कहा—
“हमारा लक्ष्य सिर्फ आंकड़ों में सुधार नहीं, बल्कि लोगों के मन में भरोसा जगाना है। काशीबाड़ी सेंटर का एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए आकलन होना दिखाता है कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय नेतृत्व मिलकर अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह उपलब्धि आने वाले समय में किशनगंज की छवि को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।”
कैसे बदला काशीबाड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व तक यह केंद्र सीमित सुविधाओं, खराब रास्तों और संसाधन की कमी से जूझ रहा था। लेकिन स्थानीय मुखिया के अथक प्रयासों से स्वास्थ्य केंद्र से मुख्य सड़क तक संपर्क पथ का निर्माण हुआ, जिसने ग्रामीणों की पहुंच को सहज बनाया। इसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भूमिका में केंद्र की कायाकल्प प्रक्रिया शुरू हुई।
आज यह केंद्र ANC, NCD, टीकाकरण, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, प्रसव पूर्व जांच, और प्रसव बाद देखभाल जैसी सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। रिकॉर्ड प्रबंधन, मरीज फीडबैक प्रणाली, दवा भंडारण व्यवस्था और साफ-सफाई के मामले में भी केंद्र ने खुद को बेहतर साबित किया है
NQAS प्रमाणीकरण के लाभ क्या होंगे?
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि एनक्वास प्रमाणीकरण मिलने के बाद काशीबाड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को न केवल राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त होगी, बल्कि:
आम लोगों को समयबद्ध, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त सेवाएं मिलेंगी।
केंद्र को राज्य स्तरीय योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी।
स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्यप्रणाली और सेवा दोनों में सुधार होगा।अन्य केंद्रों के लिए यह एक प्रेरक मॉडल बनेगा।
विश्वास और सेवा का केंद्र बन रहा काशीबाड़ी HWC
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि काशीबाड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का यह पहला राष्ट्रीय प्रमाणीकरण आकलन किशनगंज जिले के लिए एक नए युग की शुरुआत है। यह दिखाता है कि जब स्थानीय नेतृत्व, प्रशासनिक इच्छाशक्ति, स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी दक्षता और सामुदायिक सहभागिता एकजुट होती है, तो किसी भी व्यवस्था को बदला जा सकता है।वही प्रभारी dqac सुमन सिन्हा ने बताया कि आज यह केंद्र केवल दवा या जांच का स्थान नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य, विश्वास और गरिमा की रक्षा करने वाला एक आदर्श सेवा स्थल बन चुका है।अब पूरा जिला उम्मीद के साथ केंद्रीय टीम की रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहा है — और यदि सबकुछ योजना के अनुरूप रहा, तो बहुत जल्द किशनगंज जिले को मिलेगा उसका पहला एनक्वास प्रमाणित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर।























