नजरिया न्यूज पलासी। संजय कुमार।
पलासी प्रखंड में दिनांक 30 जून 2025 को प्रखंड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रखंड सभागार, पलासी में Just Right for Children, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज और जिला बाल संरक्षण इकाई, अररिया के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य प्रकाश, सह-अध्यक्ष, प्रखंड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड, पंचायत और वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण से संबंधित समितियों की गतिविधियों की समीक्षा करना, उनकी सक्रियता बढ़ाना और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा, अधिकार, स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, बाल यौन शोषण जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। वार्ड स्तर पर वार्ड सदस्य, पंचायत स्तर पर मुखिया और प्रखंड स्तर पर प्रखंड प्रमुख की अध्यक्षता में मासिक बैठक का आयोजन अनिवार्य है। इन बैठकों की रिपोर्ट समय पर CPMIS पोर्टल के माध्यम से जिला बाल संरक्षण इकाई को भेजनी होती है, ताकि राज्य स्तर पर बच्चों से जुड़े मामलों की निगरानी की जा सके।
संजय कुमार ने यह भी कहा कि बच्चों के संरक्षण के लिए केवल बैठकें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यवाही और संवेदनशीलता आवश्यक है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पंचायत व वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों को बच्चों से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाए।
बैठक में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय समाजसेवी और जागरण कल्याण भारती के कार्यकर्ता अमित कुमार यादव, अजय कुमार, यशवंत कुमार ओझा सहित अन्य लोगों ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दी। सभी ने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और उनके सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।
प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि “बाल संरक्षण केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। हमें बच्चों की बात को सुनना और उनकी जरूरतों को समझना होगा। चाहे वह स्कूल से वंचित बच्चा हो या बाल विवाह का शिकार कोई किशोरी – सभी के लिए हमारी सजगता और सहयोग आवश्यक है।”
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों व सामाजिक संगठनों को समन्वय के साथ काम करने की सलाह दी और यह निर्देश दिया कि बाल संरक्षण से संबंधित किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में तय किया गया कि अगले माह से वार्ड, पंचायत और प्रखंड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों की नियमित बैठकें होंगी। बैठक में लिये गए निर्णयों की समयबद्ध रिपोर्टिंग की जाएगी तथा समिति की प्रभावशीलता की निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। यह बैठक बच्चों के प्रति सामाजिक चेतना बढ़ाने और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक पहल सिद्ध हुई।























