नजरिया न्यूज, पूर्णिया।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियों का आगाज कर दिया है। इसी क्रम में 28 जून को पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण 2025 को लेकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार और डिप्टी सेक्रेटरी अभिनव अग्रवाल ने विभिन्न जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यशाला में पूर्णिया, कोसी और दरभंगा प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त, दस जिलों के जिलाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी उपस्थित रहे। उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि आगामी तीन माह के भीतर बिहार विधानसभा चुनाव संभावित है, और इसी को देखते हुए विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत बिहार से की जा रही है। इसके सफल क्रियान्वयन के उपरांत इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा।
संजय कुमार ने अधिकारियों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 को पढ़ने और उसकी मूल भावना को समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की नींव है और इसमें किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर ने कहा कि चुनाव आयोग के विशेष दिशा-निर्देशों के अंतर्गत सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। इस दौरान मतदाता सूची सुधार, नए वोटरों के नामांकन, डुप्लीकेसी खत्म करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
पूर्णिया के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अंशुल कुमार ने जानकारी दी कि तीन प्रमंडलों के प्रतिनिधियों को चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार पुनरीक्षण कार्य को निष्पक्ष एवं सटीक ढंग से करने का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्यशाला के माध्यम से चुनाव आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह कार्यक्रम राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।























