नजरिया न्यूज पूर्णियां
मलय कुमार झा
बिहार के वित्तरहित कर्मियों ने सरकारी उदासीनता नौकरशाहों के तानाशाही फरमान सौतेला व्यवहार से परेशान होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अनुदान नहीं वेतनमान फोरम के बैनर तले काॅलेज कर्मियों ने एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। पूर्णियां जिले में आर के के काॅलेज, रामबाग काॅलेज, अमौर के पहाड़ियां किसान काॅलेज सहित अन्य वित्तरहित महाविद्यालय में कर्मियों ने विरोध जताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नयी शिक्षा नीति को बंद करने की मांग के साथ साथ शिक्षा समिति की अनुशंसा लागू करने के लिए आवाज बुलंद किया। इसके अलावा लंबित अनुदान किस्त के एकमुश्त भुगतान और शिक्षा पर आधारित अनुदान के बदले नियमित वेतन देने के प्रावधान की मांग की गई।
फोरम द्वारा तीन सूत्री माँगों को लेकर घोषित आंदोलन मुख्यमंत्री का घेराव और जेल भरो अभियान आंदोलन करने कि निर्णय लिया गया।
प्रांतीय संयोजक प्रो रौशन कुमार की अध्यक्षता में फोरम की केंद्रीय कमेटी की बैठक मे सभी अभियान पर्यवेक्षक, रीजनल कोऑर्डिनेटर और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक मे आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। जुलाई महीने में राज्य मे चिन्हित दर्जन भर महत्वपूर्ण स्थान पर बैठक आयोजित की जाएगी। इस क्रम में प्रदेश भर में प्रत्येक वित्त अनुदानित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज माध्यमिक विद्यालय के कर्मियों ने अपने-अपने संस्थान के पास धरना प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
जिले मे अवस्थित विभिन्न वित्त-अनुदानित संस्थाओं के कर्मियों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया। सरकार से शिक्षा समिति की अनुशंसा को अविलंब लागू करते हुए व्यगत सत्रों के लंबित अनुदान का एकमुश्त भुगतान सीधे कर्मियों के खाते में करने की मांग की। प्रस्वीकृत अनुशंसित, स्थाई अस्थाई रूप से संबद्धता प्राप्त वित्तानुदानित संस्थाओं की मान्यता पूर्ववत बहाल करने और राज्य कर्मियों की भांति वेतन सहित सभी सरकारी सुविधा प्रदान करने की मांग की। बिहार सरकार से प्रदेश के वित्त अनुदानित कर्मियों के साथ न्याय करने की अपील की। इस मौके पर जिला कोआर्डिनेटर संजीव भारती, आर के के काॅलेज के कर्मचारी प्रोफेसर अजय यादव, प्रोफेसर मुजाहिद आलम, प्रोफेसर शाहबाज आलम, प्रोफेसर अरुण कार्तिक, अमौर के पहाड़ियां किसान काॅलेज के कर्मी, प्रोफेसर कैलाश, प्रोफेसर साबिर आलम, प्रोफेसर जमील अख्तर, प्रोफेसर अजय विश्वास, प्रोफेसर सुनील कुमार, प्रोफेसर रिंकू कुमार, अब्दुल कादिर, राजकुमार महतो, जफर आलम, नैयर आलम, एमडी जसीमुद्दीन सहित अन्य कर्मचारी धरना में शामिल हुए।























