नजरिया न्यूज, जोकीहाट/अररिया।
अररिया जिले में लगातार हो रही मोबाइल टावर की बैट्री चोरी की घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। इन घटनाओं के पीछे संगठित आपराधिक गिरोह की आशंका जताई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अररिया के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी व जाँच दल का गठन किया गया, जिसमें अररिया, जोकिहाट, आरएस, बैरगाछी थानों के थानाध्यक्षों के साथ तकनीकी शाखा के अधिकारी शामिल थे।
पुलिस टीम ने सबसे पहले उन इलाकों की पहचान की जहाँ मोबाइल टावर से बैट्री चोरी की घटनाएँ हुई थीं। तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज की गहन जाँच और खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर जोकिहाट थाना क्षेत्र के भेभड़ा चौक के पास स्थित एक इण्डस मोबाइल टावर पर छापेमारी की गई। पुलिस को इस स्थान पर बैट्री चोरी की एक ताजा सूचना मिली थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से चोरी की गई चार मोबाइल टावर बैट्रियों के साथ पाँच अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्न रूप में की गई:
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राधे कुमार मंडल (25 वर्ष), पिता स्व. मोहन मंडल, निवासी देवीगंज, वार्ड नं. 03
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योगेश कुमार (19 वर्ष), पिता स्व. मोहन मंडल, निवासी देवीगंज, वार्ड नं. 03
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रूपेश कुमार (18 वर्ष), पिता बबलू बहरदार, निवासी देवीगंज, पथराहा, वार्ड नं. 07
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रमन कुमार साह (18 वर्ष), पिता दयानंद साह, निवासी देवीगंज, वार्ड नं. 13
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कौशल कुमार (19 वर्ष), पिता मांगन बहरदार, निवासी देवीगंज, वार्ड नं. 07
सभी आरोपी नरपतगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इनके पास से पुलिस ने न सिर्फ चोरी की गई 4 बैट्रियाँ बरामद कीं, बल्कि बैट्री खोलने के औजार, कटर, नगद ₹7440/- और एक चार चक्का वाहन भी जब्त किया है, जिसका उपयोग चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में किया जाता था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चोरी के बैट्रियों को बेचने की बात कबूल की। उनकी निशानदेही पर फारबिसगंज के ढोलबज्जा स्थित एक कबाड़ी दुकान (अनिल ट्रेडर्स) पर छापेमारी की गई, जहाँ से चार और चोरी की मोबाइल टावर बैट्रियाँ बरामद की गईं। इस कड़ी में दो कबाड़ी व्यापारियों को भी गिरफ्तार किया गया है:
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मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार साह (29 वर्ष)
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अभिषेक कुमार (24 वर्ष)
दोनों बाबा चौक, ढोलबज्जा, वार्ड नं. 03, थाना फारबिसगंज, जिला अररिया के निवासी हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जोकिहाट थाना कांड संख्या 187/25, दिनांक 11.06.2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 313, 303(2), 317 (2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अंतर जिला गिरोह का पर्दाफाश
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि वे अररिया के अलावा पूर्णिया, सुपौल, सहरसा और कटिहार जिलों के विभिन्न मोबाइल टावरों से बैट्रियाँ चुराते रहे हैं। यह गिरोह सुनियोजित ढंग से कार्य करता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह तकनीकी उपकरणों की सहायता से टावर की सुरक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर रात के समय बैटरियों की चोरी करता था। चोरी की गई बैटरियों को कबाड़ी के माध्यम से बेचकर मोटी रकम कमाई जाती थी। गिरोह के पास से मिली रकम, औजार और वाहन से यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित और पेशेवर आपराधिक नेटवर्क था।
पुलिस अधीक्षक का बयान
अररिया के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर सात अभियुक्तों की गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि मोबाइल टावर से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दूरसंचार कंपनियों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अररिया पुलिस की इस सफल छापेमारी और तकनीकी अनुसंधान की बदौलत एक बड़े अंतर जिला गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई से न केवल जिले में मोबाइल नेटवर्क सेवाओं की सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि आम जनता में भी पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे किसी संदिग्ध गतिविधि को देखें तो तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
यह कार्रवाई अपराध के खिलाफ जिला पुलिस की सजगता और प्रतिबद्धता का उदाहरण है।























