- क्लैम भुगतान नहीं करने पर बजाज एलांयस इंश्योरेंस कंपनी पर उपभोक्ता फोरम आयोग ने लगाया15हजार का अर्थ दंड
- 60 दिनों के अंदर पीड़ित को क्लैम राशि और जुर्माना भुगतान नहीं करने पर इंश्योरेंस कंपनी देना होगा आठ प्रतिशत की दर से ब्याज
बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता किशनगंज, 01जून।
उपभोक्ता संरक्षण न्यायलय जिला आयोग किशनगंज द्वारा 23मई 2025को बजाज एलांयस इंश्योरेंस कंपनी पर 15000 रुपये का अर्थ दंड लगाया गया। बजाज एलांयस इंश्योरेंस कंपनी पर बाइक चोरी होने पर क्लेम नहीं देने का गंभीर मामला दर्ज था।बजाज एलांयस जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड कंपनी के कर्मचारी ने क्लेम पास करने के लिए रिश्वत मांगा था। मांग नहीं पूरी करने पर कंपनी द्वारा क्लेम निरस्त कर दिया दिया गया था ।
दरअसल, कचहरी परिसर किशनगंज से फरवरी 2021 में में वीरेंद्र चौहान की बाइक चोरी की हुई थी ।इस वारदात को सदर पुलिस द्वारा पुष्टि कर देने के बाद मात्र पांच हजार रुपये रिश्वत नहीं देने पर निजी क्षेत्र की बजाज एलायंस बीमा कंपनी क्लेम नहीं दी। जिसके बाद मामला जिला उपभोक्ता फोरम में दायर किया गया था।
इससे पहले बजाज एलाइंस जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के द्वारा अपने एजेंट को किशनगंज कचरी परिसर बाइक चोरी स्थल में जांच करवाई गई थी। बजाज कंपनी के पटना हेड ऑफिस को 90 दिनों के अंदर वाद का निष्पादन करना था।
किशनगंज -उपभोक्ता संरक्षण न्यायलय जिला आयोग किशनगंज द्वारा 23मई 2025को वादी वीरेंद्र चौहान के पक्ष में सुनाया गए फैसले की प्रति -नजरिया न्यूज
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2021 में वीरेंद्र चौहान की हीरो ग्लैमर बाइक कचहरी परिसर किशनगंज से चोरी हुई थी। यह शिकायत बजाज एलाइंस कंपनी और सदर थाना किशनगंज में दर्ज कराई गई थी।
सदर पुलिस के द्वारा बजाज एलाइंस कंपनी को चार्जसीट उपलब्ध करा दी गई। लेकिन
बजाज एलायंस कंपनी के कर्मचारी राकेश पाठक द्वारा पांच हजार रुपये एजेंट के द्वारा क्लेम पास करने के लिए रिश्वत की मांगी गई थी। रिश्वत की राशि पीड़ित द्वारा नहीं देने पर बाइक चोरी का क्लेम इंश्योरेंस कंपनी द्वारा निरस्त कर दी गई थी।
इसी मामले में 23मई 2025को बजाज एलांयस इंश्योरेंस कंपनी पर उपभोक्ता फोरम आयोग ने मानसिक पीड़ा उपभोक्ता को पहुंचाने पर 15000 रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है। साथ ही 39,100 रुपये क्लैम देने का फैसला भी सुनाया गया है। साथ ही 60दिनों के अंदर पीड़ित को क्लैम राशि और जुर्माना भुगतान नहीं करने पर आठ प्रतिशत की दर से ब्याज भुगतान करने का फैसला सुनाया गया है। इस फैसले से उपभोक्ता वीरेंद्र चौहान ने राहत मिली है।























