नजरिया न्यूज़, अररिया। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर डिजिटल प्रेस क्लब, अररिया ने सामाजिक सरोकार से जुड़ते हुए एक सराहनीय पहल की। क्लब के सदस्यों ने महादलित टोला का दौरा कर वहां सैकड़ों बच्चों के बीच कॉपी, कलम और चॉकलेट का वितरण किया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल बच्चों को शैक्षणिक सामग्री प्रदान करना था, बल्कि उन्हें शिक्षा के महत्व से भी अवगत कराना था।
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब के संरक्षक विकास प्रकाश ने की। आयोजन को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष शुभम कुमार और उपाध्यक्ष राजीव सिंह की भूमिका प्रमुख रही। कार्यक्रम में विशेष रूप से एसडीएम ग्रुप के संस्थापक संजय मिश्रा ने भी शिरकत की। उन्होंने बच्चों को स्वेच्छा से कॉपी, कलम और चॉकलेट वितरित किए तथा उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया।
इस अवसर पर स्थानीय समाजसेवी प्रभु पासवान समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने क्लब की इस मानवतावादी पहल की खुलकर सराहना की। कार्यक्रम में सरस्वती कुमारी, आंचल कुमारी, पल्लवी कुमारी, अजीत कुमार, शिव कुमार, माला कुमारी, सरिता कुमारी, रवीना कुमारी, राधा कुमारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।
डिजिटल प्रेस क्लब, अररिया की यह पहल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पत्रकारिता केवल खबरों के संप्रेषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों की आवाज बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पत्रकारों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाने का दिन है। यह दिवस हमें बताता है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की अलख जगाना भी है।
डिजिटल प्रेस क्लब की यह पहल न केवल पत्रकारिता की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि आज भी पत्रकारिता में समाज के लिए सोचने वाले संवेदनशील लोग मौजूद हैं। क्लब की इस सेवा भावना ने यह साबित कर दिया कि अगर इच्छा हो, तो पत्रकार भी समाज के सबसे कमजोर तबकों के लिए आशा की किरण बन सकते हैं।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि पत्रकारिता का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब वह जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगी और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे बढ़ेगी। पत्रकारिता दिवस पर इस प्रकार का आयोजन देशभर में एक प्रेरणा बन सकता है।