नजरिया न्यूज जोगबनी/अररिया।
जोगबनी में लंबे समय से चल रही जाम की समस्या से निपटने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल की शुरुआत हो चुकी है। एसएसबी 56वीं वाहिनी, बथनाहा के सभागार में सेनानायक सुरेन्द्र विक्रम की अध्यक्षता में आयोजित एक समन्वय बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में सीमा क्षेत्र में बढ़ते वाहनों की संख्या, मुख्य बॉर्डर गेट पर पार्किंग की अव्यवस्था, ठेला चालकों का अतिक्रमण और नेपाल से आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक का मूल उद्देश्य जोगबनी के बॉर्डर गेट पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करना और नेपाली नागरिकों को निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना था।
कमांडेंट सुरेन्द्र विक्रम ने कहा कि जोगबनी का मुख्य गेट जोगबनी बाजार से सटा हुआ है, जहां जगह की कमी और अनियंत्रित वाहनों की आवाजाही के चलते हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सभी संबंधित विभागों और संगठनों को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।
सीमा शुल्क जोगबनी के सहायक आयुक्त ने पार्किंग की समस्या पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए समुचित स्थान तय न होने के कारण वाहन चालक जहां-तहां गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे सीमा शुल्क कार्यालय तक जाम लग जाता है। व्यापार संघ जोगबनी ने ठेला चालकों पर नियंत्रण की मांग करते हुए कहा कि आपातकालीन वाहन, खासकर एम्बुलेंस, को निर्बाध मार्ग मिलना चाहिए। स्टेशन पास में होने से यातायात और अधिक प्रभावित होता है।
नगर परिषद जोगबनी की कार्यकारी अधिकारी ने व्यापार संघ से ठेला चालकों को सड़क किनारे अतिक्रमण से रोकने में सहयोग की अपील की। इस पर व्यापार संघ अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि एसएसबी, नगर परिषद और प्रशासन के सहयोग से ठेला चालकों को हटाने में वह पूरा सहयोग करेंगे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फारबिसगंज ने दुकानों के सामने अतिक्रमण पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया और सड़कों पर डिवाइडर लगाने का सुझाव दिया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जोगबनी थाने के पास खाली भूमि का उपयोग ठेला चालकों को स्थानांतरित करने में किया जाएगा। इसके लिए सभी ठेला चालकों का पंजीकरण कर उन्हें निर्धारित स्थान पर लगाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भारत-नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष ने बताया कि नेपाल से अधिकतर गाड़ियाँ खाली आती हैं लेकिन एक साथ कई वाहनों के आगमन से एसएसबी को जाँच में परेशानी होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि नेपाल से आने वाले वाहनों को नेपाल की ओर ही पार्क कराया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल में आंख अस्पताल की संख्या बढ़ने से मरीजों को लेकर आने वाले वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
व्यापार संघ के सदस्यों ने बीसीपी गेट की टूटी-फूटी सड़क की मरम्मत की आवश्यकता जताई, जिस पर कमांडेंट ने नेपाल और स्थानीय प्रशासन से बातचीत जारी रहने की बात कही। एलपीएआई, आईसीपी जोगबनी के प्रबंधक ने वाहनों के हिसाब से अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की बात रखी – जैसे दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग एरिया तय किया जाए।
बैठक में यह भी सुझाव आया कि बीसीपी गेट पर सीसीटीवी कैमरे और पोल लाइट के साथ डिवाइडर जैसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे यातायात सुगम हो और निगरानी आसान हो सके। नगर परिषद अधिकारी ने बताया कि अगले एक माह में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
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ठेला चालकों को सड़क के बीच में या दुकानों के सामने लगाने से रोका जाए।
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पार्किंग के लिए चिन्हित स्थानों पर मार्किंग कर उचित व्यवस्था बनाई जाए।
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व्यापारियों और आम जनता से संवाद बनाकर समस्या का समाधान निकाला जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन, एलपीएआई, एसएसबी, सीमा शुल्क, नगर परिषद, व्यापार संघ और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर एक समन्वित प्रयास से जोगबनी को जाम मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया।























