नजरिया न्यूज़ (जिला संवाददाता) रवि राज अररिया, 3 मई। केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ शनिवार को अररिया जिले में मुस्लिम संगठनों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस कानून को लेकर नाराजगी जताते हुए संगठनों ने एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
यह जुलूस शहर के जीरो माइल चौक से आरंभ होकर नगर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरता हुआ सुभाष स्टेडियम में आकर संपन्न हुआ। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कानून को मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों पर हमला बताया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से इस कानून को अविलंब वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक धरोहर हैं, जिनका प्रबंधन समुदाय के अधिकार क्षेत्र में ही रहना चाहिए। संशोधित कानून के तहत सरकार को वक्फ संपत्तियों पर अधिक नियंत्रण मिलने का प्रावधान है, जिससे समुदाय में असंतोष फैला हुआ है।
इस जुलूस में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस कानून को असंवैधानिक और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि यह कानून अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को आहत करता है और इससे समाज में अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र प्रशासन ने भी पूरी मुस्तैदी दिखाई। शहर में विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। हालांकि, पूरे जुलूस के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने अंत में एक ज्ञापन सौंपकर सरकार से वक्फ संशोधन कानून को रद्द करने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।























