पीपरा से पहली बार चली ट्रेन, वर्षों पुराना सपना हुआ साकार
पीएम मोदी ने मधुबनी से ऑनलाइन दिखाई हरी झंडी, स्टेशन पर खुशी की लहर
अभिमन्यु मिश्रा, (जिला प्रभारी) पीपरा/सुपौल।
आज का दिन पीपरा वासियों के लिए ऐतिहासिक रहा। वर्षों से देखे जा रहे सपनों को आखिरकार पंख मिल ही गए। आज पहली बार पीपरा से सुपौल होते हुए सहरसा के लिए ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मधुबनी से ऑनलाइन हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया।
पीपरा रेलवे स्टेशन पर इस मौके को खास बनाने के लिए भव्य इंतजाम किए गए थे। एलसीडी स्क्रीन लगाकर उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग स्टेशन पहुंचे थे। समारोह के दौरान जैसे ही ट्रेन ने पीपरा से अपनी पहली यात्रा शुरू की, लोगों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से पूरा स्टेशन गूंज उठा।
स्थानीय लोग इस पल को ऐतिहासिक बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि इलाके के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। लंबे समय से पीपरा के लोग रेल सुविधा की मांग कर रहे थे। अब जब यह सुविधा मिल गई है, तो इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेंगे।
पीपरा निवासी रामविलास यादव ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे गांव से भी ट्रेन चलेगी। आज जो हुआ है, वह सपने जैसा है।” वहीं, एक छात्रा पूजा कुमारी ने कहा, “अब हमें पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर जाना होगा तो पहले की तरह बसों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा।”
रेल विभाग के अधिकारियों ने भी इस परियोजना को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस लाइन से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि स्थानीय कारोबार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बल मिलेगा।
समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया। कई लोगों ने इसे “विकास की पटरी पर पीपरा” की शुरुआत कहा।
यह रेल लाइन परियोजना कई सालों से पाइपलाइन में थी, लेकिन तमाम अड़चनों के बाद अब जाकर इसका उद्घाटन हो पाया है। इससे न सिर्फ पीपरा, बल्कि आस-पास के गांवों को भी लाभ मिलेगा।
आज का दिन पीपरा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। रेल की सीटी के साथ यहां की उम्मीदों और संभावनाओं ने भी गति पकड़ ली है।