अररिया, 07 अप्रैल 2025। जिले में फसल अवशेष (पुआल, भूसा आदि) को खेतों में जलाने की प्रथा को रोकने और इससे होने वाले पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति किसानों एवं आमजन को जागरूक करने हेतु समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला स्तरीय अंतर्विभागीय कार्य समूह की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री अनिल कुमार ने की।
बैठक में कृषि, सहकारिता, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पर्यावरण, पशुपालन, मत्स्य, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश:
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फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई कर उनका कृषि विभाग से निबंधन रद्द किया जाए तथा विभागीय योजनाओं का लाभ वंचित किया जाए।
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कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार अपने पंचायतों में भ्रमण कर फसल अवशेष प्रबंधन के विकल्प जैसे बेलर मशीन, वर्मी कम्पोस्ट, मल्चिंग विधि आदि की जानकारी दें।
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आत्मा एवं कृषि विभाग के माध्यम से किसान प्रशिक्षण, चौपाल एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
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सहकारिता विभाग को पैक्स और प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के माध्यम से प्रचार-प्रसार का निर्देश।
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स्वास्थ्य विभाग को एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के जरिये यह बताने का निर्देश कि फसल जलाने से बच्चों एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है जैसे – साँस की तकलीफ, आँखों में जलन, गले की खराश आदि।
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शिक्षा विभाग को विद्यालयों में वाद-विवाद, चित्रकला प्रतियोगिता आदि के आयोजन हेतु निर्देशित किया गया।
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ग्रामीण विकास विभाग को जीविका दीदियों के माध्यम से समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने को कहा गया।
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वन, पर्यावरण, पशुपालन, मत्स्य, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को प्रचार-प्रसार तंत्र के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश।

फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान:
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मिट्टी की उर्वरता घटती है – सूक्ष्म जीवाणु, केंचुए, जैविक कार्बन नष्ट हो जाते हैं।
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मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव – साँस लेने में कठिनाई, आँख, नाक, गले में जलन की समस्या।
किसानों के लिए समाधान और सलाह:
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स्ट्रा बेलर या अन्य मशीनों से फसल अवशेष का प्रबंधन करें।
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वर्मी कम्पोस्ट बनाकर अवशेष का सदुपयोग करें।
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मल्चिंग विधि या पलवार तकनीक से खेती करें।
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संधारणीय कृषि प्रणाली को अपनाकर पर्यावरण एवं स्वास्थ्य की रक्षा करें।
अनुदानित कृषि यंत्र (75% तक सब्सिडी):
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स्ट्रा बेलर
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सुपर / हैप्पी सीडर
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जिरो टिल सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल
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रीपर-कम-बाइंडर
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स्ट्रा रीपर
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रोटरी मल्चर
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स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS)
किसान भाइयों एवं बहनों से अपील है कि फसल अवशेष को जलाने की जगह आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर भूमि की उर्वरता एवं पर्यावरण की रक्षा में सहयोग करें।























