अररिया। चैती छठ के अवसर पर अररिया जिले में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर के विभिन्न नदी घाटों, तालाबों और घरों में श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। परमान नदी स्थित त्रिसुलिया घाट, ओम नगर, शिवपुरी आश्रम मोहल्ला और चित्रगुप्त नगर सहित कई अन्य स्थानों पर छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
शाम होते ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब छठ घाटों की ओर उमड़ पड़ा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नंगे पैर घाटों तक पहुंचीं, जहां उन्होंने छठ माता और भगवान सूर्य की विधि-विधान से पूजा की। घाटों पर गूंजते छठी मईया के गीतों और भक्तिमय माहौल ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। व्रतियों ने सूप में ठेकुआ, नारियल, केला और अन्य पारंपरिक प्रसाद रखकर जल में खड़े होकर अर्घ्य दिया।
- अररिया में चैती छठ महापर्व को लेकर घाटों पर प्रशासन और नगर निगम के द्वारा कोई भी व्यवस्था नहीं देखी गई।

छठ महापर्व का आयोजन न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। यहां हिंदू-मुस्लिम सभी समुदायों के लोगों ने श्रद्धालुओं की सहायता की और पर्व को मिलकर संपन्न कराया। युवाओं ने घाटों पर सजावट की तो समाजसेवियों ने प्रसाद वितरण और स्वच्छता अभियान में सहयोग दिया।
चैती छठ का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण आज सुबह संपन्न होगा, जब श्रद्धालु उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसके साथ ही 36 घंटे के निर्जला उपवास का समापन होगा। व्रतियों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए छठ माता की आराधना की और पूरे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है, और हर कोई छठी मईया की कृपा पाने के लिए उत्सुक है।























