- इंटर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन मीटिंग संपन्न
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 21 फ़रवरी।
जिला पदाधिकारी किशनगंज(बिहार) विशाल राज एवं एडीएम अल.आर उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) रवि कुमार अग्रवाल की संयुक्त अध्यक्षता में किशनगंज समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में इंटर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन मीटिंग हुई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं का प्रवास और बाहर प्रवास, नियमित टीकाकरण, टीकाकरण से रोकथाम योग्य रोग, वेक्टर जनित रोग, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना, मोतियाबिंद ऑपरेशन, एन.टी.एफ.ई., सार्वजनिक और लाइसेंस प्राप्त निजी अस्पताल निदान केंद्रों की सूची, निषेध का कार्यान्वयन, वाहनों की अंतर-जिला आवाजाही, विशेष रूप से ई-रिक्शा, एवं अन्य विविध बिंदु पर गहन समीक्षा की गई।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए किशनगंज (बिहार) और उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) के स्वास्थ्य अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, और पोठिया प्रखंड के MOIC, BHM, BCM सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, मरीजों की सुविधा और अस्पतालों की निगरानी को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में आपसी समन्वय और आंकड़ों के त्वरित आदान-प्रदान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए कि दोनों जिलों के बीच स्वास्थ्य सूचनाओं को तुरंत साझा करने के लिए एक WhatsApp ग्रुप बनाया जाए, जिसमें जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, संस्थागत प्रसव, और नियमित टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराए जाएं।
महत्वपूर्ण निर्णय एवं निर्देश:
1. WhatsApp ग्रुप का गठन: स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आंकड़ों का रियल टाइम में साझा करने के लिए दोनों जिलों के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक WhatsApp ग्रुप बनाया जाएगा।
2. स्वास्थ्य समन्वय समिति: दोनों जिलों में समन्वय बनाए रखने के लिए उत्तर दिनाजपुर के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और किशनगंज के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3. मासिक वर्चुअल बैठक: स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी हर महीने वर्चुअल बैठक करेंगे और प्रत्येक तीन माह में भौतिक बैठक आयोजित करेंगे।
4. निजी अस्पतालों की मॉनिटरिंग : ऐसे निजी अस्पतालों की सूची तैयार होगी जो HMIS पोर्टल पर नियमित डेटा प्रविष्ट नहीं कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों की लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी।
5. संबंधित अस्पतालों और जांच केंद्रों की सूची साझा करना: दोनों जिले एक-दूसरे के साथ प्राइवेट अस्पतालों और जांच केंद्रों की सूची साझा करेंगे।
बिहार -पश्चिम बंगाल -जिला पदाधिकारी किशनगंज(बिहार) विशाल राज एवं एडीएम अल.आर उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) रवि कुमार अग्रवाल की संयुक्त अध्यक्षता में किशनगंज समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन मीटिंग: नजरिया न्युज
6. मोतियाबिंद ऑपरेशन के आंकड़े: मोतियाबिंद ऑपरेशन के आंकड़ों को एक-दूसरे के साथ साझा करने पर सहमति बनी।7. बंगाल के लाभार्थियों के लिए प्रमाण पत्र अनिवार्य: पश्चिम बंगाल के उन लाभार्थियों को, जो किशनगंज में सरकारी संस्थानों में इलाज करवा रहे हैं, वैध डिस्चार्ज प्रमाणपत्र और जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होगा।
दोनों जिला के स्वास्थ्य पदाधिकारियों को दिए गये निर्देश
किशनगंज, बिहार के जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बैठक में दोनों जिला के स्वास्थ्य पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए है,जिसमे बताया की
WhatsApp ग्रुप से तुरंत जानकारी मिलेगी।
मरीजों को अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में मिलेगी। इसके लिए जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के आंकड़े साझा करने हेतु एक विशेष WhatsApp ग्रुप बनाया जाएगा।
अस्पतालों की जवाबदेही तय होगी
स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता के लिए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अपने मरीजों का डेटा HMIS वेब पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। जो अस्पताल ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।
मरीजों को अस्पतालों और जांच केंद्रों की सूची मिलेगी
अब मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों और जांच केंद्रों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें सही जगह पर इलाज करवाने में आसानी होगी।
5. बंगाल के मरीजों के लिए नए नियम
जो मरीज पश्चिम बंगाल से आकर किशनगंज के अस्पतालों में इलाज कराते हैं, उन्हें डिस्चार्ज प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र जमा करना होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी।
हम जनता तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला पदाधिकारी किशनगंज विशाल राज ने कहा: “हम जनता तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब अस्पतालों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि हर मरीज को समय पर सही इलाज मिल सके।”स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए दोनों जिलों को आपसी समन्वय बढ़ाने की जरूरत है। इससे न केवल सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होगा, बल्कि मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार भी मिल सकेगा।””सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने कहा की “HMIS पोर्टल पर अस्पतालों का डेटा अपडेट करना अनिवार्य होगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी।”
बदलाव से जनता को सीधा लाभ
सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बतया की अब किशनगंज और उत्तर दिनाजपुर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, अस्पतालों की जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों को सही समय पर इलाज मिल सकेगा। यह बैठक दोनों जिलों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।























