बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता किशनगंज, 29 जनवरी।
जिले में आशा कार्यकर्ताओं के लिए मॉड्यूल 6 और 7 का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने और समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को और अधिक सशक्त बनाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं में नए आयाम जोड़ता प्रशिक्षण
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने कहा, “आशा कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ हैं। उनका प्रशिक्षण उन्हें बेहतर सेवा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय पर पहचानने में सक्षम बनाता है। यह मॉड्यूल उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी देता है।”
किशनगंज -बिहार- स्वास्थ्य ही संपदा है, आशा इसकी महत्वपूर्ण कड़ी , सभी मिलकर स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान दें…
स्वस्थ समाज के निर्माण में अहम भूमिका
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने अपने संबोधन में कहा, “आशा कार्यकर्ताओं का यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रशिक्षण न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें नई चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करेगा। स्वास्थ्य और शिक्षा के माध्यम से हम एक सशक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।”
सामाजिक जागरूकता का आह्वान
प्रशिक्षण के दौरान टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात शिशु की देखभाल, और पोषण पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं को समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी आशा कार्यकर्ताओं ने समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।यह प्रशिक्षण केवल ज्ञान का नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने का एक प्रयास है।स्वास्थ्य ही संपदा है, इसे मजबूत बनाने में आशा कार्यकर्ता महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आइए, सभी मिलकर स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान दें।























