वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो, किशनगंज 18जनवरी। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए किशनगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज हलामला पंचायत के HWC मोतिहारा प्रांगण में फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 17 हाथीपांव ग्रसित मरीजों को मोरबिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रीवेंशन (एमएमडीपी) किट प्रदान की गई और उन्हें सेल्फ-केयर का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही पंचायत के चार हाइड्रोसील मरीजों को शल्यक्रिया के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मंजर आलम डीवीबीडीसीओ, मनीष (वीडीसीओ), दीपक (वीडीसीओ), अविनाश राय (वीबीडीसी सलाहकार, अजय साह (बीएचएम), मोइन जी (वीबीडीएस), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी , एएनएम, और संबंधित पंचायत की आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को उनके अंगों की देखभाल के लिए आवश्यक जानकारी दी और उन्हें जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
मरीजों को दिया गया आवश्यक प्रशिक्षण और किट
एमएमडीपी किट में मरीजों को डेटॉल साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम, टब, मग, तौलिया, और अन्य सामग्री प्रदान की गई। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को फाइलेरिया ग्रसित अंगों की नियमित देखभाल के तरीके सिखाए। मरीजों को बताया गया कि कैसे डेटॉल साबुन से सफाई और एंटीसेप्टिक क्रीम का उपयोग संक्रमण को नियंत्रित कर सकता है।
हाइड्रोसील मरीजों को शल्यक्रिया के लिए प्रेरित किया गया
पंचायत के चार हाइड्रोसील मरीजों को फाइलेरिया से संबंधित जटिलताओं से बचाने के लिए शल्यक्रिया के लिए प्रेरित किया गया। इन मरीजों को समय पर ऑपरेशन की सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आगे की कार्रवाई की योजना तैयार की।
फाइलेरिया उन्मूलन पर स्वास्थ्य विभाग का फोकस
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. मंजर आलम ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता और मरीजों की उचित देखभाल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया से प्रभावित मरीजों को सेल्फ-केयर की आदत डालनी चाहिए ताकि वे अपनी स्थिति को नियंत्रित रख सकें।वीबीडीसी सलाहकार अविनाश राय ने बताया कि फाइलेरिया एक साइलेंट डिजीज है, जिसके लक्षण कई वर्षों बाद दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नियमित देखभाल और समय पर इलाज से जटिलताओं को रोका जा सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से विशेष जोर
सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने बताया की जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देशन में जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को प्राथमिकता दी जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया के प्रति जागरूकता फैलाना और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास से किशनगंज जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है।























