- आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के बिन्दु पर आरोपी शशि यादव ने अपने आप को निर्दोष बताया था, कहा कि उसे रंजिश के तहत फंसाया गया है।
- आरोप गठन के बाद कोर्ट में सभी साक्षियो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया।
- आरोपी की पत्नी विभा देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है।
- सज़ा के बिंदु पर सरकार की ओर से लोक अभियोजक (पीपी) लक्ष्मीनारायण यादव व एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने संयुक्त रूप से न्यायधीश से आरोपी शशि यादव को फाँसी देने की अपील की थी।
- माननीय हाई कोर्ट पटना मे जमानत के लिए शशि यादव अपील दायर करेंगे।
नज़रिया न्यूज़, (विकास प्रकाश), अररिया।
स्पीडी ट्रायल के तहत न्यायमण्डल अररिया के जिला एवं चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार की अदालत ने शनिवार को जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के रहनेवाले 45 वर्षीय शशि यादव को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।
जबकि आरोपी शशि यादव की पत्नी विभा देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश जारी किया गया है।
यह सजा एसटी 175/2022 बौसी थाना कांड संख्या 07/2020 मे सुनाया गया है।
जानकारी देते हुए सरकार की ओर से लोक अभियोजक लक्ष्मीनारायण यादव व एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने संयुक्त रूप से बताया कि बताया कि 10 जनवरी 2020 की संध्या करीव साढ़े 05 बजे रुद्रानंद साह (बसेठी निवासी) गैस एजेंसी के सामने अपने दुकान में बैठे हुए थे,कि योजनाबद्ध तरीके से अचानक आरोपी शशि यादव अपनी पत्नी व अन्य अपराधकर्मियों के सहयोग से रुद्रानंद साह को पिस्तौल/बन्दूक से गोली मारकर दिये थे।
जिसकी मृत्यु इलाज के क्रम हो गई।
घटना को लेकर मृतक रुद्रानंद साह के पुत्र मुकेश कुमार गुप्ता ने आरोपी शशि यादव, उसकी पत्नी विभा देवी सहित अन्य कई अज्ञात लोगो को नामजद अभियुक्त बनाया।
इस मामले में केस आइओ ने ससमय कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित किया।
आरोप पत्र समर्पित होने के बाद न्यायालय के न्यायधीश ने आरोपियों के विरुद्ध को संज्ञान लिया तथा आरोपियों के विरुद्ध आरोप गठन (चार्जफ्रेम) किया गया।
आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के बिन्दु पर आरोपी शशि यादव ने अपने आप को निर्दोष बताया था। कहा था कि उसे रंजिश के तहत फंसाया गया है।
आरोप गठन के बाद कोर्ट में सभी साक्षियो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया।
गवाहो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश रवि कुमार ने आरोपी शशि यादव को दोषी पाया।
जबकि साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी शशि यादव की पत्नी विभा देवी को बरी किया।
सज़ा के बिंदु पर सरकार की ओर से लोक अभियोजक लक्ष्मीनारायण यादव व एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने संयुक्त रूप से फाँसी देने की अपील की।
जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता रतन कुमार दास ने कम से कम सज़ा देने की गुहार लगाई थी।
सज़ा सुनाई जाने के बाद आरोपी शशि यादव के अधिवक्ता रतन कुमार दास ने बताया कि माननीय हाई कोर्ट पटना मे जमानत के लिए शशि यादव अपील दायर करेंगे।






















