- नगर परिषद प्रशासन की तानाशाही से सांस लेना भी हो गया मुश्किल
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो, किशनगंज, 23दिसंबर
मोती बाग के निवासी जहरीली गैस के बीच जी रहे हैं। सांस लेने में परेशानी हो रही है।, बच्चों को सांस लेने में मुश्किल होने पर मौतीबाग मोहल्ला से लोग दूर चले जाते हैं। अस्थमा के रोगी भी मोहल्ला छोड़ने को विवश हैं।
नगर परिषद् क्षेत्र अंतर्गत स्थित मोतीबाग वार्ड संख्या 07 का हिस्सा है। वार्डवासी गंदगी की गैस के बीच जी रहे हैं। मोती बाग, वार्ड नंबर 7 में स्थित सड़क के बगल में नगर परिषद के द्वारा पूरे शहर के कचरे का भंडारण किया जाता है और उसमें आग लगाई जाती है।
जिससे निकली जहरीली गैस शुद्ध हवा की सांस का दम घूट देती है।
बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होती है।अस्थमा के भी शिकार लोग हो रहे हैं ।
मोती बाग मोहल्ले से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। ऐसे लोग नाक बंद कर लेते हैं। वहीं स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।
जहरीली गैस से पीड़ित अविनाश अमन ने बताया कि लगातार चार दिन से कचरे में आग लगी हुई है। तीन किलोमीटर तक धुआं फैल रहा है। छोटे-छोटे बच्चों को घर के अंदर खिड़की बंद करके रखे हैं। फिर भी बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही है। बूढ़े- बच्चे तथा अन्य लोग खांसी ,सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। कई लोग अस्थमा के शिकार हो गए हैं उन्होंने कहा:
अगर इसका निराकरण नहीं हुआ तो पूरा मोती बाग ग़ंदी हवा जैसे जहर की चपेट में आ जाएगा।
गौरतलब है कि नगर परिषद के द्वारा पूरे शहर का कचरा मोतीबाग में फेंका जाता है। पूरे मोतीबाग को कचरा बना दिया गया है ।और इसमें आग लगा देने पर सभी लोग परेशान हो जाते हैं।
कई बरसों से नगरवासी आंदोलन किया जा रहे हैं फिर भी इसका निराकरण नगर परिषद द्वारा नहीं किया जा रहा है।
वार्डवासी मालती देवी बताईं कि मक्खी मच्छर इतने हो गए हैं कि सांस लेते समय नाक में चले जाते हैं।इस परेशानी को बयां नहीं किया जा सकता।
किशनगंज -बिहार- वर्तमान में बिहार सरकार की भूमि पर कचड़ा भंडारण हेतु महेश बचना में अधिग्रहित भूमि है। यह स्थान अधिक दूरी पर होने के कारण वहां कचड़े का निष्पादन नहीं किया जा रहा है। वार्डवासियों के विरोध करने पर पर नगर परिषद द्वारा स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी जाती है…
कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हम लोग परेशान हैं।
यहां की लगभग 2500 आबादी हैं ।सभी लोग इस जहरीले गैस की चपेट में आ गए हैं।
गौरतलब है कि मोती बाग वार्ड नंबर 7 में सड़क के किनारे स्थित एक भूभाग पर सम्पूर्ण शहर का कचड़ा अवशिष्ट पदार्थ, मरे हुए जानवर इत्यादि वर्षों से डंप किया जा रहा है। जिसके कारण वार्ड वासी हमेशा अस्पताल, प्राईवेट डॉक्टर के यहाँ दौड़ते रहते है ।उल्टी, बुखार सहित कई प्रकार की बीमारी से लोग ग्रस्त हैं।

प्रवीण कुमार कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, किशनगंज ने बताया कि जेसीबी मशीन भेजी गई है और आग बुझाने ने के लिए दमकल भी भेजी गई है । विशेष व्यवस्था पर भी बात करता हूं…
ऐसे लोगों ने कहा कि कूड़े के ढेर में आग लगा दी जाती है। जिस कारण सांस ले लेने में घुटन होती है। सांस की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। कई बार नगरपरिषद किशनगंज, जिला पदाधिकारी किशनगंज, अनुमंडल लोक शिकायत, जिला लोक शिकायत, प्रमंडल आयुक्त पूर्णिया को आवेदन दिए हैं। मोतीबाग के लोगों की समस्या अब भयावह हो गई है। इस महामारी का निष्पादन अभी तक नहीं हो सका है।
हवा और पानी भगवान ने सभी को मुफ्त में दिया है। मोतीबाग के लोगों से शुद्ध घी हवा छीन ली गई है।
दो दशक पहले मोती बाग की आबोहवा किशनगंज नगर परिषद के अधिकांश वाडों से बेहतर थी।
वर्तमान में बिहार सरकार की भूमि पर कचड़ा भंडारण हेतु महेश बचना में अधिग्रहित भूमि है। यह स्थान अधिक दूरी पर होने के कारण वहाँ कचड़ा का भण्डारण नहीं किया जा रहा है। वार्डवासियों के विरोध करने पर पर नगर परिषद द्वारा स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी जाती है।























