= जिन 10 राज्यों की 31 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है, उनमें असम की पांच सीटें, बिहार की चार सीटें, कर्नाटक की तीन सीटें, मध्य प्रदेश की दो सीटें, धराजस्थान की सात सीटें, पश्चिम बंगाल की छह सीटें, केरल की एक सीट, मेघालय की एक सीट, छत्तीसगढ़ की एक सीट और गुजरात की एक सीट शामिल हैं…
दुर्केश बहादुर सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 14नवंबर।
झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटों में से आज 43 सीटों पर मतदान हो रहा है।इसके अलावा 10 राज्यों की 31 सीटों पर भी उपचुनाव के लिए भी मतदान हो रहे हैं।
केरल की चर्चित वायनाड लोकसभा सीट पर भी वोटिंग हो रही है।जहां से कांग्रेस की सीनियर नेता प्रियंका गांधी चुनावी मैदान में हैं।प्रियंका गांधी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं।
यह सीट राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाद ख़ाली हुई थी।
जिन 10 राज्यों की 31 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है, उनमें असम की पांच सीटें, बिहार की चार सीटें, कर्नाटक की तीन सीटें, मध्य प्रदेश की दो सीटें, धराजस्थान की सात सीटें, पश्चिम बंगाल की छह सीटें, केरल की एक सीट, मेघालय की एक सीट, छत्तीसगढ़ की एक सीट और गुजरात की एक सीट शामिल हैं।
फिलहाल, झारखंड के गरीब मतदाता आत्माओं में अपनी गरीबी के कारणों पर प्रचार के दौरान चर्चा रही है।
जागरूक मतदाताओं का कहना है कि रंगे सियारों के कहने पर मुंह में घास की दूब और गले में कंठी पहने हुए खुंखार भेड़ियां भी बड़ी -बड़ी पार्टियों के उम्मीदवार हैं। इनके साथ चल रहे नेता जी ख्यातिलब्ध व्यंगकार रहे हरिशंकर परसाई की रचना भेड़ों के बीच भेड़िया की किरदार निभा रहे हैं।
फिलहाल ये सभी इसी लोक के निवासी हैं। लेकिन हरे, नीले और सफेद वेषभूषा धारण कर रखा है।
कहा जा रहा है कि पत्रकार, साहित्यकार और नेताओं की बात सोशल मीडिया से सुनते – सुनते लगभग 20फीसद मतदाताओं की वस्तुस्थिति भेंड़ जैसी हो गई है।
कहावत है कि एक भेड़ जहां जाएगी, वहीं सभी भेंड़ जाएगी, यह भी नौबत मतदान के समय आ सकती है।
सर्वविदित है कि धरती पर भेड़ की संख्या सबसे अधिक है।लेकिन एक अदद भेड़िया उनका शिकार करता रहता है।इस चुनाव में भेड़िया की पहचान करके मनुष्य जीव को मतदान करना है। रंगे सियारों के कहने पर मतदान नहीं करना है।यह कठिन काम सभी मतदाताओं को करना है तभी भेड़िया भेड़ों का शिकार करने से डर सकता है।






















