अनिल उपाध्याय/मीरा प्रवीण वत्स, 02नवंबर।
समाजवादी पार्टी ने पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक की बदौलत लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पछाड़ दिया था। वहीं विधानसभा उपचुनाव
में समाजवादी पार्टी ने नसीम सोलंकी को कानपुर की सीसामऊ सीट से उम्मीदवार बनाया है।बीजेपी की तरफ से फूलपुर से दीपक पटेल और मंझवा सीट से सुचिश्मिता मौर्या उम्मीदवार बनाई गई है।
बीजेपी ने कुल चार ओबीसी उम्मीदवार उतारे हैं। एक सीट मीरापुर आरएलडी के खाते में है। आरएलडी ने यहां से मिथिलेश पाल को उतारा है।
समाजवादी पार्टी ने गाज़ियाबाद सीट से दलित समुदाय के उम्मीदवार को उतारा है।
कानपुर की सीसामऊ से नसीम सोलंकी, पूर्व विधायक मुस्तफा सिद्दीकी को फूलपुर से,पूर्व विधायक मोहम्मद रिज़वान को कुंदरकी और सुंबुल राणा को मीरापुर सीट से उतारा है।पार्टी ने ज्योति बिंद को मंझवा और चारू कैन को अलीगढ़ की खैर सीट पर उम्मीदवार बनाया है।
चारू कैन जाटव समाज से है वहीं उनके पति जाट हैं। समाजवादी पार्टी ने नौ सीटों में से चार पर मुस्लिम, दो पर दलित और तीन पर ओबीसी समुदाय के उम्मीदवार उतारे हैं।
बीएसपी ने कटेहरी से अमित वर्मा, करहल से अवनीश कुमार शाक्य, गाज़ियाबाद से परमानंद गर्ग, सीसामऊ से वीरेंद्र शुक्ला, फूलपुर से जितेन्द्र कुमार सिंह, मीरापुर से शाहनज़र और मंझवा से दीपक तिवारी को उम्मीदवार बनाया है।
राज्य में मीरापुर (मुज़फ़्फ़रनगर), कुंदरकी (मुरादाबाद), गाज़ियाबाद, खैर (अलीगढ़), करहल (मैनपुरी), सीसामऊ (कानपुर), फूलपुर (प्रयागराज), कटेहरी (अंबेडकर नगर) और मझवां (मिर्ज़ापुर) में उपचुनाव हो रहे हैं।
विधानसभा उपचुनाव के लिए वोट 13 नवंबर को डाले जाएंगे और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे। पहली बार बहुजन समाज पार्टी भी उपचुनाव में अपनी किस्मत आज़मा रही है। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी का समर्थन किया है।
लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीती थीं। समाजवादी पार्टी के जीते हुए उम्मीदवारों में 25 पिछड़ी जातियों के थे।
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के इस्तीफ़े से रिक्त हुई मैनपुरी की करहल सीट से बीजेपी ने अनुजेश यादव को प्रत्याशी बनाया है।
अनुजेश यादव को इस सीट पर उतारने की वजह यादव मतदाता हैं जो यहां निर्णायक भूमिका में हैं।इस सीट से समाजवादी पार्टी के तेज प्रताप यादव उम्मीदवार हैं।
अंबेडकरनगर से सांसद चुने गए लालजी वर्मा के इस्तीफे़ से खाली हुई कटेहरी सीट पर बीजेपी ने धर्मराज निषाद को समाजवादी पार्टी की शोभावती वर्मा के ख़िलाफ़ उतारा है।
इस सीट पर कुर्मी और निषाद जाति के वोटर लगभग बराबर की संख्या में हैं।दोनों ओबीसी जातियों में गठजोड़ न हो इसलिए बीजेपी ने ये फैसला लिया है।






















