अनिल उपाध्याय, नजरिया न्यूज ब्यूरो जौनपुर, 19अक्टूबर ।
संयुक्त परिवार का अभूतपूर्व आनंद इतिहास में ही देखने को मिलता है। इसके अभाव में परिवार निराश हैं।
घर के बुजुर्ग को नौकर और चिकित्सक के सहारे छोड़ दिया जा रहा है। इसी विषय पर करवा चौथ के दिन एक वीडियो सोशल मीडिया पर देखने को मिला।
वीडियो की हेडिंग थी बुजुर्ग का स्वास्थ्य। दो एएनएम बुजुर्ग महिला की तिमारदारी में लगी थीं। इससे पहले अस्पताल में बुजुर्ग महिला का इलाज चल रहा था। लेकिन, दवाई काम नहीं कर रही थी। अंतिम सेवा के लिए घर पर लाया गया। इसलिए परिजन मौजूद थे।
पोतों को बुजुर्ग महिला अपने हाथ से खाना खिला रही थी। रोग ठीक हो चुके थे।
पोते कह रहे थे : मम्मी अपने हाथ से कभी नहीं खाना खिलातीं। वहीं बुजुर्ग महिला अपने हाथ से खाना बनाकर पोतों को खिला रहीं थीं। जो काम दवाई ने नहीं की,वह काम संयुक्त परिवार की खुशी कर रही थी। तीमारदारी में लगीं दोनों एएनएम यह देखकर आश्चर्यचकित थीं। दरअसल, सत्य यह है कि स्नेह और प्रेम के अभाव में दवाई काम नहीं करना बंद कर दी थी।
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