– देश और वतन के खातिर गाँधी जी ने अपने सीने पर गोली खाई; समीर
-गाँधी एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक विचार, दर्शन, मार्ग व समाधान है; प्रोफेसर झा
समस्तीपुर/दलसिंहसराय
(राज कुमार सिंह)
राष्टपिता महात्मा गांधी के सहादत दिवस पर मंगलवार को राष्ट्रीय विद्यालय दलसिंग सराय के प्रांगण में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अंचल परिषद दलसिंग सराय की ओर से अंचलमंत्री विनोद कुमार समीर के नेतृत्व में प्रतिमा पर माल्यर्पण किया गया। वहीं कॉमरेड राम बिलास शर्मा की अध्यक्षता में गोष्टि आयोजित की गई। जिसको सम्बोधित करते हुए अंचलमंत्री विनोद कुमार समीर ने कहा कि देश और वतन के खातिर गाँधीजी ने अपने सीने पर गोली खाई। आज धर्म के नाम पर राजनीति करनेवाले आर एस एस समर्थित भाजपा जो गांधीजी का भी नाम लेती है ,और नाथो राम गोडसे ही ने गाँधी जी कि हत्या की थी। झोपड़ी की चर्चा नहीं है ,मन्दिर का नारा ,गांधी जी का भजन करे गांधी का हत्यारा । मौके पर गोष्टि को मालपुर पुरवारी पट्टी के मुखिया महेश्वर राम ,सहायक अंचलमंत्री शंकर राम ,कारो देवी ,मोहम्मद यूनुस , जगदेव दास ,उमेश राम ,सुभेन्द्र कुमार ,विष्णुदेव सिंह आदि ने सम्बोधित किया।
वंही दूसरी ओर रामाश्रय बालेश्वर महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर संजय झा की अध्यक्षता एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में शहीद दिवस समारोह का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य सह प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी स्वयं सेवक एवं अन्य छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. सुनील ने विषय प्रवेश कराते हुए गांधी जी के अवदान पर प्रकाश डाला।
प्राध्यापक डॉ. विमल कुमार, डॉ. प्रतिभा पटेल, डॉ. शिवानी प्रकाश सहित नंदनी प्रिया, राजवीर कुमार, अर्जुन कुमार, प्रशांत कुमार आदि ने राष्ट्रपिता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर व्यापक रूपेण प्रकाश डाला। अध्यक्षीय संबोधन प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसर झा ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक ऐसे महामानव थे जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए मानव को इह लौकिक एवं पारलौकिक आनंद की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त किया है। आज भले ही वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं,पर उनकी कीर्ति आज भी दैदीप्यमान अवस्था में हमारे बीच उपस्थित है। गांधी एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि एक विचार, दर्शन, मार्ग, समाधान आदि सबकुछ हैं।पूरा विश्व आज भी अंततः गांधी दर्शन का अनुसरण करके ही समस्याओं से निजात पाता है। आवश्यकता है कि हम गांधी दर्शन को पढ़ें, उनके बताए मार्ग पर चलें।ऐसा करके ही हम उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर पाएंगे। मौके पर स्वयं सेवक शबनम प्रिया, गोलू कुमारी, सेबी सुहानी, दीपक कुमार, संजना कुमारी, खुशी सिंह, सपना कुमारी, किरण कुमारी, मनीषा कुमारी,मौसम कुमारी, साक्षी कुमारी,सार्थक कुमार, निशा कुमारी,निशि आनंद, कंचन कुमारी, प्रगति आदि सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।























