=गन्ने या गुड़ के शर्बत में नमक या मठ्ठा मिलाकर पिए- मोदीकेयर नोनी-कोकम जूस पांच एमएल एक गिलास पानी के साथ लें: डॉ. शिवम् सिंह, अंबेडकरनगर
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो, नजरिया न्यूज, 26मई।
अगर गर्मियों में पानी की कमी के कारण आपका गला लगातार सूख रहा है, चक्कर आ रहे हैं, आँखें लाल हो रही हैं या पेशाब पीली हो रही है तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए ख़तरे की घंटी हो सकती है। यह बात मोदीकेयर डायरेक्टर डॉ.सदानंद मिश्र ने कही। उन्होंने कहा:
आपके शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से आपके स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।इन प्रभावों को डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी कहा जाता है।
डिहाइड्रेशन की वजह से हालत गंभीर हो सकती है।
गर्मियां में लगातार पसीने के कारण न केवल शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, बल्कि शरीर में नमक भी कम हो जाता है।
एसी में रहने से तो पसीना नहीं आता, लेकिन हर समय एसी में रहने से आपकी प्यास कम हो जाती है। इसका आपके शरीर पर प्रतिकूल और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
अगर आप लंबे समय तक तेज़ धूप में रहे हैं तो हीट स्ट्रोक से डिहाइड्रेशन हो सकता है।
इसके अलावा, अगर समग्र तापमान अधिक है, तो यह एक समस्या है।
अगर आपको दस्त या कोई बीमारी है, तब भी आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
बहुत अधिक शराब या कैफीनयुक्त पेय पीने से शरीर में पानी कम हो जाता है।
ख़ूब व्यायाम करने से पसीना आने के बाद ऐसा तब भी हो सकता है, जब आपको बहुत अधिक पेशाब करवाने के लिए दवा दी गई हो।
*डिहाइड्रेशन के लक्षणों को ख़ुद कैसे पहचानें:*
#अगर बहुत प्यास लग रही है,
अगर पेशाब गहरा पीला और तेज गंध वाली हो
#अगर आपको सामान्य से कम पेशाब आती है
#अगर आपको चक्कर आ रहा है
आपको थकान महसूस हो सकती है
#अगर मुंह, होंठ, जीभ सूख रहा है
अगर आप ऐसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपको डिहाइड्रेशन होने की संभावना है। ऐसे में शरीर से पानी और नमक की कमी को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए और डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।
*शरीर में पानी की कमी होने पर क्या होता है:*
बहुत से लोग सोचते हैं कि कैसे पहचानें कि शरीर में पानी कम हो गया है।
इसका सबसे पहला संकेत हमारे पेशाब में दिखता है। अगर पेशाब पीला हो या, पेशाब का रंग लाल हो जाए तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की कमी हो गई है।
इस संबंध में डाॅ. सदानंद कहते हैं, “धूप में लगातार चलने या गर्म भट्टी के पास काम करने से न केवल शरीर में पानी कम होता है, बल्कि सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट जैसे अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा भी कम हो जाती है।अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर में मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा भी कम हो जाती है।
एक वयस्क के शरीर में 60 से 70 प्रतिशत पानी होता है।
“अगर पानी के इस स्तर में ज़्यादा अंतर हो तो हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। यानी खाया हुआ खाना पच नहीं पाता है। साथ ही व्यक्ति को दौरे भी पड़ सकते हैं. सांस लेने में दिक्क़त हो सकती है।
इतना ही नहीं बल्कि यह भी डर रहता है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो व्यक्ति की सांस और दिमाग पर असर पड़ेगा और उसकी मौत हो सकती है।
उनका ये भी कहना है कि पानी की कमी से त्वचा रूखी होने लगती है।
डॉ. सदानंद त्रिपाठी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्ययन की जानकारी दी और कहा:
ऐसी स्थिति डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक़, डिहाइड्रेशन सिर्फ़ कम पानी पीने से ही नहीं होता, बल्कि डायरिया के कारण भी शरीर में पानी की कमी हो जाती है. दस्त के दौरान पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है।
इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह भी कहना है कि उल्टी, पसीना, मूत्र और सांस लेने से शरीर में साल्ट ख़त्म हो जाते हैं।
इस स्थिति में व्यक्ति को सुस्ती, बेहोशी, आंखें धंसी हुई, पानी पीने की इच्छा नहीं होती है।
डॉ. शिवम सिंह अंबेडकरनगर जिले से हैं. वे गोरखपुर सदर अस्पताल में एमडी हैं। वो कहते हैं, “अगर आप भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचना चाहते हैं तो सिर्फ़ पानी पीने से काम नहीं चलेगा।पानी के साथ दूसरे तरल पदार्थों का भी सेवन करना होगा।
डॉ. शिवम् आगे कहते हैं कि, “अभी की भीषण गर्मी में ख़ूब पानी पीना ज़रूरी है, लेकिन शरीर की प्यास नहीं बुझती, शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए हमें शरबत, फलों का जूस, छाछ, कोकम शरबत जैसे तरल पदार्थ पीना चाहिए। मोदीकेयर के नोनी जूस में कोकम मिलाया गया है। नोनी -कोकम जूस पांच एमएल एक गिलास पानी में बेहद लाभदायक हो सकता है।
वो कहते हैं कि गन्ने के रस, गुड़ के शर्बत में मट्ठा, थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से भी शरीर को फ़ायदा होता है।





















