गुरुवार को फ़िल्म जब ख़त्म हुई तो आठ मिनट तक मौजूद दर्शक खड़े होकर तालियां बजाते रहे
=बीते तीन दशकों में भारत की यह पहली फ़िल्म है जिसने कांस फिल्म समारोह की मुख्य प्रतिद्वंदी श्रेणी में अवॉर्ड जीता है
= कांस फिल्म समारोह का यह दूसरा सबसे बड़ा अवार्ड है
अशोक सिंह सुबेदार, विशेष संवाददाता, नजरिया न्यूज, मुंबई, 25मई।
भारतीय फ़िल्म निर्माता पायल कपाड़िया की नई फ़िल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज़ लाइट’ को कान फ़िल्म समारोह में ज्यूरी अवॉर्ड मिला है। इस उपलब्धि की पूरे देश में चर्चा हो रही है।
बीते तीन दशकों में भारत की यह पहली फ़िल्म है जिसने कांस फिल्म समारोह की मुख्य प्रतिद्वंदी श्रेणी में अवॉर्ड जीता है। यह कांस फिल्म समारोह का दूसरा सबसे बड़ा अवार्ड है।
हिंदी के प्रकांड विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि यह फ़िल्म समकालीन मुंबई शहर के दृश्यों से शुरू होती है लेकिन हमें बॉलीवुड सितारों और अरबपति उद्योगपतियों की अमीर, कुलीन मुंबई को नहीं दिखाती है।
फ़िल्म निर्माता ने मुंबई शहर की गलियों के साथ यहां के प्रवासियों की वास्तविक आवाज़ों को जगह दी है। वो प्रवासी जो इस शहर की धड़कन भी हैं
ये कपाड़िया की पहली नैरेटिव फ़ीचर फ़िल्म है, जो गुरुवार रात को कान फ़िल्म समारोह के मुख्य कॉम्पिटीशन सेक्शन में प्रदर्शित हुई। फ़िल्म जब ख़त्म हुई तो आठ मिनट तक यहां मौजूद दर्शक खड़े होकर तालियां बजाते रहे।
हिंदी के प्रकांड विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित जयप्रकाश ने कहा:
ये ना सिर्फ़ फ़िल्म निर्माता बल्कि भारत के लिए भी एक अहम उपलब्धि है।बीते तीस सालों में ये पहली बार है जब कान फ़िल्म समारोह के मुख्य कॉम्पिटीशन सेक्शन में कोई भारतीय फ़िल्म प्रदर्शित हुई हैं।
इस फ़िल्म ने 38 वर्षीय निर्देशिका पायल कपाड़िया को भी सुर्ख़ियों में ला दिया है।





















