भरगामा।
कुशमौल में जेबीसी नहर के पश्चिमी बांध से सटे करोड़ों की लागत से पुल निर्माण पर रोक लगाने जेबीसी नहर में पुल निर्माण की मांग जोड़ पकड़ने लगी है। लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन पुल जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की संवेदनहीनता दर्शा रही है। चाप के पानी के निकासी के लिए इतना बड़ा पुल का निर्माण किया जा रहा है। जो सरकारी राशि का अपव्यय है।बताया गया कि जिस जगह पुल का निर्माण किया जा रहा है वहां से चाप के पानी का निकास होता था। जो पूर्व में छोटी पुलिया के माध्यम से निकास होता था। जबकि चाप के पानी के निकास के लिए बड़े पुल का निर्माण किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उक्त निर्माणाधीन पुल के पूर्वी भाग में पक्की सड़क है। वही पश्चिमी भाग में भी पक्की सड़क है। अगर यह पुल के जेबीसी नहर में बनता तो दोनो सड़क की जुड़ाव होता। इस पुल के जेबीसी नहर में बनने से भरगामा ही नहीं बल्कि नरपतगंज समेत सुपौल के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगो को भी आवागमन में सुविधा होती। इस पुल के बनने से भी लोगों की तकलीफे दूर नहीं हुई। बताते चलें कि पूर्व में कुशमौल पंचायत के लोगों ने जेबीसी नहर पर पक्की पुल के निर्माण कि मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लोग नहर पर पुल निर्माण नहीं होने से नाराज थे। ग्रामीणों का कहना है कि जेबीसी नहर पंचायत को दो भागों यथा पूर्वी एवं पश्चिमी कुशमौल में बांटती है।
लोगों को प्रखंड मुख्यालय या फिर सीमावर्ती सुपौल आदि जगहों पर जाने के लिये जयनगर या फिर नरपतगंज के मिरदौल होकर जाना पड़ता है। जिस कारण लोगों को पांच से सात किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं पुल के अभाव में कुशमौल पूर्वी भाग पासवान टोला के सैकड़ों छात्र छात्राओं को माध्यमिक शिक्षा हेतु कठिनाई का सामना करना पड़ता है।उत्क्रमित उच्च विद्यालय पट्टी प्राणपत कुशमौल के पश्चिमी भाग में है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के अभाव में पंचायत के दो भागों में बंटने के कारण विकास कार्य बाधित हो रहा है। खासकर छात्राओं कि पढ़ाई बाधित होती है। जबकि जेबीसी नहर के दोनों भाग में पक्की सड़क का निर्माण हो चुका है। स्थानीय ग्रामीण आशान्वित थे कि जल्द हीं बड़ी पुल का निर्माण होने से कृषि कार्य में उपर्युक्त ट्रैक्टर ट्राली लेकर अपने खेत खलिहान जा पाएंगे जबकि पुल नहर पर नहीं बनाकर पश्चिमी बांध पर बन रहा है।
समाजसेवी सुमन सिंह का कहना है कि पुल की उपयोगिता को दरकिनार कर करोड़ो का अपव्यय किया जा रहा है। इस पुल से आम जनमानस को कोई फायदा नही होने है।वही ग्रामीणों निराशा हीं हाथ लगी। ग्रामीणों ने पुल निर्माण कार्य पर रोक लगाने के मांग के साथ पुल निर्माण हेतु चयन करने वाले कर्मी पर करवाई मांग की है।





















