अंतर क्षेत्रीय सहभागिता संबंधी बैठक में टीबी उन्मूलन के प्रयासों की मजबूती पर हुई चर्चा
टीबी उन्मूलन के प्रयासों की मजबूती के लिये निजी चिकित्सकों का अपेक्षित सहयोग जरूरी
अररिया, 29 अप्रैल ।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता को लेकर टीबी संबंधी जागरूकता व आपसी समन्वय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अंतर क्षेत्रीय सहभागिता संबंधी दो दिवसीय बैठक फारबिसगंज के लाइंस क्लब व डीटीयू अररिया सभागार में आयोजित हुई। इसमें एसटीएसयू के नामित सदस्य मो हारूण रशीद व दीपक कुमार ने भाग लिया। सीडीओ डॉ. वाईपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में टीबी उन्मूलन संबंधी विभिन्न प्रयासों पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसे अधिक प्रभावी व असरदार बनाने की रणनीति पर विचार किया गया। बैठक में टीबी रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए टीबी मरीजों को चिह्नित करने व सरकारी चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से उपचार संबंधी जरूरी सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही टीबी मरीजों के संबंध में जानकारी देने वाले इंफोर्मर व ट्रीटमेंट स्पोर्टर बनने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के संबंध में जरूरी जानकारी साझा किया गया। बैठक में लायंस क्लब के सचिव डॉ अजय कुमार सिंह प्रबंधक मिस्टर रोबिन एसटीएस मो आसीन सहित अन्य स्वास्थय कर्मी मौजूद थे।
इंफोर्मर व ट्रीटमेंट स्पोर्टर को दी जाती है प्रोत्साहन राशि
अंतर क्षेत्रीय सहभागिता संबंधी बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए जिला टीबी व एड्स समन्वयक दामोदर प्रसाद ने बताया कि आशा कर्मी या किसी गैर सरकारी संगठन व संस्था द्वारा टीबी मरीज के संबंध में विभाग को जानकारी पर उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप 500 रुपये प्रदान किये जाने का प्रावधान है। वहीं ट्रीटमेंट स्पोर्टर बनने यानी किसी टीबी मरीज को निर्धारित समयाविधि तक अपनी देखरेख में नियमित दवा सेवन कराने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने के प्रावधान की जानकारी साझा किया गया। उन्होंने बताया कि एमडीआर टीबी रोगियों को जरूरी जांच व इलाज के लिये सरकारी अस्पताल भेजने वाले इंफोर्मर को 500 व ट्रिटमेंट स्पोर्टर बनने पर 5000 रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि दिये जाने की जानकारी उन्होंने दी। इसके अलावा बैठक में निक्षय पोर्टल व मरीजों को डीबीटी के माध्यम से दिये जाने वाले के संबंध में बताया गया। उन्होंने बताया कि जनवरी माह से अब तक जिले में कुल 18 टीबी के एमडीआर मरीज इलाजरत हैं। वहीं बीते एक वर्ष में चिह्नित 2298 टीबी मरीजों में 1584 मरीजों का सफल इलाज हो चुका है।
निजी चिकित्सकों टीबी उन्मूलन के प्रयासों में करें सहयोग
टीबी संबंधी मामलों को लेकर सीडीओ डॉ वाईपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में सभी एसटीएस व एसटीएलएस को टीबी मरीजों के पब्लिक व प्राइवेट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिये निर्देशित किया गया। एसटीएसयू के नामित सदस्य मो हारूण रशीद व दीपक कुमार ने टीबी मरीजों के प्राइवेट नोटिफिकेशन में आयी गिरावट पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए इसमें सुधार को लेकर सभी एसटीएस को कई जरूरी निर्देश दिये गये। साथ ही वर्ष 2018 से अब तक डीबीटी लाभ से वंचित टीबी मरीजों के बैंक खातों में अविलंब राशि के भुगतान के लिये निर्देशित किया गया। उन्होंने सभी प्राइवेट चिकित्सकों से से अपील करते हुए कहा कि अगर टीबी से मिले जुले लक्षण वाले कोई मरीज इलाज के लिये पहुंचते हैं। तो उन्हे तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में जरूरी जांच व उपचार के लिये भेजा जाये। उन्हें सभी जरूरी चिकित्सकीय सहायता, जरूरी दवाएं व सरकारी द्वारा टीबी मरीजों को दी जाने वाली तमाम सुविधाओं का लाभ सहजता पूर्वक उपलब्ध कराने के प्रति उन्होंने विभाग की प्रतिबद्धता जाहिर की।






















