– एडीजे 01 मनोज कुमार तिवारी ने सुनाई सजा
नजरिया न्यूज, (रूबी विनीत प्रकाश), अररिया।
शनिवार को न्यायमंडल अररिया के एडीजे 01 मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने स्पीडी ट्रायल के तहत शादी का प्रलोभन देकर यौन शोषण कर गर्भवती बनाने के बाद गर्भपात कराने का मामला प्रमाणित होने पर जिले के कुर्साकांटा थाना क्षेत्र पगुआ गांव का रहने वाला 26 वर्षीय मुन्ना कुमार सिंह पिता भगवान लाल सिंह को 14 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी युवक को कारावास की सजा के अलावा विभिन्न धाराओं में 01 लाख 01 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है।
यह सजा एसटी 140/2025 में सुनाई गई है।
सरकार की ओर से एपीपी राजा नंद पासवान, पीड़िता के निजी अधिवक्ता मो हासिम व अधिवक्ता मो मंजर हसन ने संयुक्त रूप से बताया कि आरोपी युवक ने पीड़िता के घर में घुसकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
जब पीड़िता रोने चिल्लाने लगी तो आरोपी युवक ने शादी का प्रलोभन देकर पीड़िता को चुप करा दिया था। उसके बाद आरोपी युवक बार बार शादी का प्रलोभन देकर पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाता रहा।
यौन संबंध बनाने के क्रम में पीड़िता गर्भवती हो गई, इसकी जानकारी आरोपी युवक को हुआ तो उसने गर्भ समाप्त करने के लिए दवा पीड़िता को बहला फुसला कर खिला दिया।
जिससे पीड़िता को रक्तस्राव हो गया. घटना की जानकारी पीड़िता के परिजनों को हुई तो पीड़िता के परिजनों ने शादी कराने के लिए आरोपी युवक व उसके परिजनों ने आरजू मिन्नत किए, परन्तु आरोपी युवक के परिजन शादी कराने के लिए तैयार नहीं हुए।
इस मामले को पंचायत में भी ले जाया गया, जहां आरोपी युवक पंचायती की बात भी नहीं माने।
मजबूरन आरोपी व अन्य के विरुद्ध महिला थाना कांड संख्या 32/2024 दर्ज करवाया गया।
इस मामले में कोर्ट में सभी गवाहों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया। गवाहों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने आरोपी युवक को दोषी पाया।
सजा के बिंदु पर आरोपी युवक के अधिवक्ता क्रमशः देव नारायण सेन, अशोक कुमार मिश्रा, अरुण कुमार ठाकुर व दिव्यज्योति सेन ने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने आरोपी युवक की सजा मुकर्रर की।





















