नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिले में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा एवं विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण, श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पूरे जिले में भक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर पूजा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूजा के अंतिम दिन मां सरस्वती की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन कर नम आंखों से विदाई दी गई।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष आयोजन किए गए। बच्चों ने मां सरस्वती के समक्ष कलम, किताब और वाद्य यंत्र अर्पित कर ज्ञान, बुद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शैक्षणिक संस्थानों में सुबह से ही भजन-कीर्तन, श्लोक पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
पूजा कार्यक्रम के दौरान स्कूलों के शिक्षकों, कोचिंग संस्थानों और कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटरों के संचालकों ने बच्चों को सरस्वती पूजा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मां सरस्वती केवल विद्या की देवी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, सदाचार और संस्कार की भी प्रतीक हैं। बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की सीख दी गई तथा मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
फ्यूचर साइन कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर, मोहिनी देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल, लक्ष्य अकैडमी कोचिंग सेंटर सहित कई अन्य शैक्षणिक संस्थानों ने संयुक्त रूप से पूजा का आयोजन कर सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया। इन संस्थानों द्वारा बच्चों के बीच प्रसाद वितरण किया गया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
मां सरस्वती की विदाई के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों के सहयोग से विसर्जन कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे आम लोगों में संतोष देखा गया।
कुल मिलाकर अररिया जिले में सरस्वती पूजा और विसर्जन का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता का मजबूत संदेश भी देता नजर आया।























