– रूंगटा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM) फारबिसगंज में महिला शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर रुचिरा गुप्ता का व्याख्यान सम्पन्न
नजरिया न्यूज, (विकास प्रकाश ब्यूरो चीफ), अररिया।
रूंगटा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM), फारबिसगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त पत्रकार, लेखिका, कलाकार, शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता रुचिरा गुप्ता द्वारा महिला शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता विषय पर एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी व्याख्यान दिया गया।
यह व्याख्यान मानव तस्करी की रोकथाम और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे अत्यंत संवेदनशील एवं समसामयिक विषयों पर केंद्रित रहा।
अपने संबोधन में रुचिरा गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक आधार शिक्षा है। जब तक महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर बनने के अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।
उन्होंने मानव तस्करी को एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए इसके मूल कारणों—गरीबी, अशिक्षा, लैंगिक असमानता और सामाजिक चुप्पी—पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनें और परिवर्तन के वाहक के रूप में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि जागरूक हो जाए, तो समाज की सबसे बड़ी बुराइयों को भी समाप्त किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि रुचिरा गुप्ता “अपने आप महिला वर्ल्डवाइड” नामक संस्था की संस्थापक हैं, जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, गरिमा और सामाजिक न्याय के लिए कार्य कर रही है। मानव तस्करी के विरुद्ध उनके संघर्ष को वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान प्राप्त है।
इस अवसर पर RITM के प्राचार्य डॉ. राशिद हुसैन ने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि रुचिरा गुप्ता जैसे व्यक्तित्व का मार्गदर्शन युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है।
एमडीएमएस, अररिया के निदेशक डॉ. संजय प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि महिला शिक्षा और सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका समाज में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आर.के. रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन श्री महावीर प्रसाद रूंगटा ने अपने संदेश में कहा कि ट्रस्ट शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी समान रूप से महत्व देता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना समाज का सामूहिक दायित्व है।
ट्रस्ट की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रूंगटा ने कहा कि सेवा, करुणा और संवेदनशीलता से ही एक सशक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक परिवर्तन के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर देते हुए रुचिरा गुप्ता ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा के संकल्प के साथ हुआ।























