नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया नगर परिषद क्षेत्र के शिवपुरी वार्ड नंबर 9 में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब समाजसेवा और मानवीय मूल्यों की प्रतीक रहीं अनारकली उर्फ सविता देवी किन्नर के निधन की खबर सामने आई। उनके आकस्मिक निधन से न केवल किन्नर समाज बल्कि आम नागरिकों में भी गहरा दुख व्याप्त है। मोहल्ले के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक इस घटना से स्तब्ध हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनारकली उर्फ सविता देवी किन्नर पिछले करीब 15 दिनों से गंभीर रूप से बीमार थीं। उनके पति कैलाश पासवान ने बताया कि इलाज के लिए उन्हें पहले अररिया, फिर पूर्णिया और पटना ले जाया गया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें नेपाल स्थित न्यूरो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही शिवपुरी वार्ड 9 समेत पूरे शहर में शोक का माहौल बन गया।
सविता देवी किन्नर ने अपना जीवन समाज की सेवा और जरूरतमंदों की मदद में समर्पित कर दिया था। किन्नर समाज से होते हुए भी उन्होंने अररिया जिले में सामाजिक समरसता की एक नई मिसाल कायम की। लोग उन्हें सम्मान और आदर की दृष्टि से देखते थे। वह न केवल किन्नर समाज की पहचान थीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक अर्धनारी के रूप में जानी जाती थीं। उनके व्यवहार, सेवा भाव और मानवीय सोच ने उन्हें हर वर्ग में लोकप्रिय बनाया।
वर्ष 2008 में अनारकली उर्फ सविता देवी किन्नर ने एक नवजात बच्ची को गोद लिया था, जिसका नाम उन्होंने ‘खुशी’ रखा। आज खुशी 16 वर्ष की हो चुकी है। बच्ची के भरण-पोषण, शिक्षा-दीक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी सविता देवी और उनके पति कैलाश पासवान ने पूरी निष्ठा से निभाई। साथ ही किन्नर समाज ने भी इस जिम्मेदारी में सहयोग किया। सविता देवी का यह कदम समाज के लिए एक मजबूत संदेश था कि ममता और जिम्मेदारी किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होती।
किन्नर समाज में रहते हुए भी सविता देवी ने अररिया के उत्थान के लिए कई सराहनीय कार्य किए। गरीबों की मदद, सामाजिक आयोजनों में सहयोग और आपसी सौहार्द बनाए रखने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
उनके कार्यों को लोग हमेशा याद रखेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक मिसाल बनेगा।
उनके निधन के बाद शिवपुरी वार्ड नंबर 9 स्थित उनके आवास पर ही बने समाधि घर में उन्हें किन्नर समाज के द्वारा उन्हें श्रद्धा के साथ दफनाया किया गया। यह समाधि घर स्वयं सविता देवी किन्नर द्वारा बनवाया गया था, जो आज उनकी स्मृति का प्रतीक बन गया है। बताया गया कि सविता देवी की उम्र लगभग 45 वर्ष थी। उनका जन्म वर्ष 1980 में गांव हरराही प्रखंड बरारह कोठी अनुमंडल धमदाहा जिला पूर्णिया में हुआ था। वर्ष 1995 में 15 वर्ष की आयु में वह अररिया आईं और तभी से यहीं रहकर अर्धनारी के रूप में समाजसेवा और अपने कार्यभार को संभालती रहीं।
अनारकली उर्फ सविता देवी किन्नर का निधन अररिया के सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा किए गए कार्य, सेवा भाव और समाज के प्रति समर्पण को लोग लंबे समय तक याद करते रहेंगे।























