नजरिया न्यूज़, भरगामा (अररिया)।
भीषण ठंड और शीतलहर के बीच जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों की भरगामा प्रखंड क्षेत्र में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 6 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र के कई निजी कोचिंग संस्थान नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। सिमरबनी, जयनगर, महथावा, रघुनाथपुर, भरगामा, सुकेला मोड, खजूरी, मानुलहपट्टी, चरैया और वीरनगर सहित ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे बच्चों को कड़ाके की ठंड में कोचिंग जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक आदेश सिर्फ सरकारी और निजी स्कूलों तक सीमित रह गए हैं, जबकि कोचिंग संस्थानों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा।
सुबह-सुबह घने कोहरे और ठंड में बच्चों का घर से निकलना आम बात हो गई है, जिससे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कक्षा छह से ऊपर की कक्षाएं भी सीमित समय, सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित की जानी हैं, लेकिन कई कोचिंग सेंटर न तो समय का पालन कर रहे हैं और न ही बंदी के आदेश को मान रहे हैं। इस स्थिति ने प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और जागरूक नागरिकों ने शिक्षा विभाग एवं प्रखंड प्रशासन से मांग की है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।























