नजरिया न्यूज़, अररिया।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार कुसियारगांव जैव विविधता उद्यान में “प्रोटेक्ट टुडे, सिक्योर टुमारो” इनवायरमेंटल लीगल लिटरेसी व कम्यूनिटी प्रोटेक्शन इनिशिएटिव तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता पैनल अधिवक्ता मो. परवेज आलम ने की।
शिविर को संबोधित करते हुए मो. परवेज आलम ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य की सुरक्षा का आधार है। पर्यावरण से जुड़े कानूनों की जानकारी प्रत्येक नागरिक को होना आवश्यक है, ताकि जंगल, जल, भूमि और जैव विविधता की रक्षा की जा सके। उन्होंने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह कानूनन अपराध होने के साथ-साथ बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाता है। बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूक बनें और प्रशासन को सहयोग करें।
पीएलवी मनोज प्रसाद ने उपस्थित पर्यटकों, ग्रामीणों एवं पार्क कर्मियों को विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
शिविर में वन विभाग के क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम राय, वनरक्षी गौरव कुमार, अरमान खान, अभिषेक कुमार, सोनी कुमारी सहित वन कर्मी केदार सिंह, नंदन यादव, सिंटू कुमार, विजय यादव उपस्थित रहे। साथ ही कुसियारगांव के मुखिया माणिकचंद सिंह, सरपंच मो. मुजाहिद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण और बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाई गई तथा सभी से इन संदेशों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की अपील की गई।























