नजरिया न्यूज़, अररिया।
बुधवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अररिया में उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय अधिवक्ता सह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (जिला उपभोक्ता फोरम) की महिला सदस्य रीता कुमारी घोष ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में महिला सदस्य रीता कुमारी घोष ने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी वस्तु या सेवा की खरीदारी के बाद दुकानदार से पक्का बिल या रसीद अवश्य लेनी चाहिए। पक्की रसीद उपभोक्ता के लिए सबसे मजबूत साक्ष्य होती है। उन्होंने कहा कि यदि खरीदे गए सामान में किसी प्रकार की खराबी पाई जाती है और दुकानदार सामान बदलने या राशि लौटाने में आनाकानी करता है, तो उपभोक्ता पक्के बिल के आधार पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण में जा सकता है। वैध दस्तावेज रहने पर ही आयोग उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में सक्षम होता है और मुआवजे की राशि भी दिलाई जा सकती है।
मौके पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के पुरुष सदस्य डॉ. अमर नाथ झा ने भी उपभोक्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चाहे छोटी वस्तु हो या बड़ी, हर खरीदारी में बिल लेना उपभोक्ता का अधिकार और जिम्मेदारी है। पक्की रसीद के आधार पर उपभोक्ता अपनी शिकायत को आसानी से आयोग के समक्ष रख सकता है और त्वरित न्याय प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व उपाध्यक्ष असित कुमार वर्मा, अधिवक्ता विनीत प्रकाश, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के यूडीसी मो. अरशद अली, एलडीसी सर्जन कुमार सिंह, डीएमए बिमल किशोर दास, कार्यालय अटेंडेंट श्वेता सागर सहित सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।























