नजरिया न्यूज़, अररिया।
एम०एल०डी०पी०के० यादव कॉलेज, अररिया में पूर्व प्रधानाचार्य पर गंभीर फर्जीवाड़ा और जालसाजी के आरोप सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। नगर थाना में आवेदन देकर दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी, अररिया सह तदर्थ समिति के सचिव के निर्देश पर पूर्व प्रधानाचार्य श्री इन्दु कुमार सिन्हा के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रभारी प्रधानाचार्य वकील सिंह ने बताया कि महाविद्यालय की तदर्थ समिति की 18 जुलाई 2025 को हुई बैठक में सर्वसम्मति से वित्तीय अनियमितता के आरोप में तत्कालीन प्रधानाचार्य श्री इन्दु कुमार सिन्हा को पदच्युत किया गया था। इसके बाद उन्हें प्रभारी प्रधानाचार्य का दायित्व सौंपा गया। समिति के सचिव द्वारा पूर्व प्रधानाचार्य को कॉलेज से संबंधित सभी अभिलेख, संचिकाएं और आवश्यक दस्तावेज सौंपने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उन्होंने आदेश का अनुपालन नहीं किया।
इसके विपरीत श्री सिन्हा ने माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका दायर की, जहां से अंतरिम आदेश के तहत संबंधित पत्र के अनुपालन पर अस्थायी रोक लगाई गई। आरोप है कि इसी अंतरिम आदेश की गलत व्याख्या करते हुए उन्होंने स्वयं को कॉलेज का प्रधानाचार्य बताकर लेटर पैड का दुरुपयोग किया और विश्वविद्यालय व प्रशासन को भ्रमित करने का प्रयास किया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव के पत्र से इस अनियमितता का खुलासा हुआ।
06 दिसंबर 2025 को सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई तदर्थ समिति की बैठक में पूरे मामले की विस्तार से समीक्षा की गई। जांच में यह पाया गया कि पूर्व प्रधानाचार्य ने बदनीयती से स्वयं को प्रधानाचार्य दर्शाकर पत्राचार किया, जो स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी और जालसाजी की श्रेणी में आता है।
अनुमंडल पदाधिकारी सह सचिव तदर्थ समिति ने प्रस्ताव संख्या-04 के तहत प्रभारी प्रधानाचार्य को निर्देश दिया है कि श्री इन्दु कुमार सिन्हा के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस प्रकरण से कॉलेज प्रशासन सहित पूरे शैक्षणिक जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।























